सिरमौर में धान खरीद केंद्रों पर लेबर की कमी, किसानों को करना पड़ रहा लंबा इंतजार

सिरमौर में धान खरीद केंद्रों पर लेबर की कमी, किसानों को करना पड़ रहा लंबा इंतजार
सिरमौर में धान खरीद केंद्रों पर लेबर की कमी, किसानों को करना पड़ रहा लंबा इंतजार

Published:

धान तुलाई में देरी पर हरकत में आया विभाग, ठेकेदार को लेबर बढ़ाने के निर्देश; समस्या दूर न होने पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में धान खरीद केंद्रों पर लेबर की कमी के चलते किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में धान खरीद के लिए धौलाकुआं और पांवटा साहिब में दो सरकारी खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।

इन केंद्रों पर अपनी धान की फसल बेचने पहुंच रहे किसानों को पर्याप्त लेबर न होने के कारण लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। समय पर धान की तुलाई नहीं हो पा रही है और पर्याप्त संख्या में झरने भी नहीं चल पा रहे हैं, जिससे धान खरीद की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

खरीद केंद्रों पर पहुंचे किसानों का कहना है कि लेबर की कमी के कारण धान की तुलाई समेत अन्य कार्यों में काफी समय लग रहा है। पर्याप्त कर्मचारी न होने से अधिक संख्या में झरने नहीं चल पा रहे हैं।

ऐसे में किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों ने विभाग से खरीद केंद्रों पर लेबर की संख्या बढ़ाने, अधिक झरने चलाने और समय रहते धान की फसल की खरीद सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

किसानों की समस्या पर हरकत में आया विभाग

किसानों की शिकायतों के बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक शमशेर सिंह नेगी ने धान खरीद केंद्रों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने खरीद कार्य में आ रही समस्याओं का निरीक्षण किया और संबंधित ठेकेदार को लेबर बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि खरीद केंद्रों पर पर्याप्त लेबर उपलब्ध करवाई जाए, ताकि अधिक संख्या में झरने चल सकें और किसानों की धान की तुलाई समय पर हो सके।

ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी

जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक शमशेर सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि किसानों को धान बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि संबंधित ठेकेदार लेबर की संख्या नहीं बढ़ाता, अधिक झरने नहीं चलाए जाते और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो विभाग ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई करेगा।

follow us on facebook
subscribe to us on youtube

इस खबर के विषय

संबंधित खबरें

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

घवांडल पशु चिकित्सालय में पशु जन्म नियंत्रण शिविर, 15 कुत्तों की सफल नसबंदी

पशु चिकित्सालय घवांडल में आयोजित पशु जन्म नियंत्रण शिविर में 15 श्वानों की सफल शल्य चिकित्सा की गई। इनमें 7 मादा और 8 नर कुत्ते शामिल रहे। शिविर का उद्देश्य ...

पूरा पढ़ें (Read More) →
करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत, दो महीने बाद भी परिवार की सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन; चार बहनों और बुजुर्ग माता-पिता का था सहारा

बिलासपुर के श्री नयना देवी जी क्षेत्र के भटेड गांव में करंट लगने से जान गंवाने वाले गुरमेल सिंह के परिवार ने प्रशासन पर सुध न लेने का आरोप लगाया है। परिवार क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

13 नवंबर को मंडी में CM सुक्खू के नेतृत्व में निकलेगी एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन, तैयारियों में जुटा प्रशासन

हिमाचल को चिट्टे के नशे से मुक्त बनाने के उद्देश्य से 13 नवंबर को मंडी में एंटी चिट्टा जागरूकता वॉकथॉन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू...

पूरा पढ़ें (Read More) →
बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

बीबीएमबी मामले पर विक्रमादित्य सिंह बोले- वीरभद्र सिंह ने शुरू की थी हिमाचल के हक की लड़ाई, चंडीगढ़ में भी जारी रहेगी हिस्सेदारी की मांग

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बीबीएमबी में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कानूनी लड़ाई क...

पूरा पढ़ें (Read More) →
BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

BBMB मामले में हिमाचल को बड़ी जीत, हर साल 600 से 1000 करोड़ रुपये का होगा फायदा: हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने BBMB मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल की बड़ी जीत बताया है। उनके अनुसार प्रदेश को 11,975 मिलियन यूनिट बिजली की बका...

पूरा पढ़ें (Read More) →

इससे पहले और बाद की खबरें