शिमला:
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ जाकर किए जा रहे निर्माण कार्यों पर नगर निगम (MC) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शनिवार को नगर निगम आयुक्त कोर्ट में भवनों और अवैध निर्माण से जुड़े कुल 20 मामलों पर गहन सुनवाई हुई।
इनमें से 6 मामलों में निर्माण को पूरी तरह से अवैध पाया गया, जिसके बाद उन्हें ध्वस्त (तोड़ने) करने के कड़े आदेश जारी किए गए हैं।
कार्रवाई की जद में बालूगंज मस्जिद भी शामिल
आयुक्त कोर्ट के आदेशों की जद में बालूगंज स्थित मस्जिद भी आ गई है। जांच और सुनवाई के दौरान पाया गया कि मस्जिद में स्वीकृत नक्शे और दी गई मंजूरी से अधिक निर्माण किया गया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मस्जिद के इस अतिरिक्त और अवैध हिस्से को हटाने के आदेश जारी किए गए हैं।
इन इलाकों में भी चला नगर निगम का चाबुक
बालूगंज के अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी नक्शे से बाहर जाकर किए गए निर्माण पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं:
पंथाघाटी: एक भवन में किए गए अवैध निर्माण को गिराने के आदेश।
न्यू शिमला: दो अलग-अलग मामलों में अवैध ढांचों को तोड़ने के निर्देश।
फ्लावरडेल व खलीणी: इन क्षेत्रों में स्वीकृत नक्शे के विपरीत बनाई गई अतिरिक्त मंजिलों व कमरों पर कार्रवाई का हुक्म।
नक्शे से बाहर जाकर निर्माण करने वालों पर नज़र
शिमला शहर में स्वीकृत नक्शे से बाहर जाकर अतिरिक्त मंजिल, कमरे, बालकनी या अन्य हिस्से बनाने की शिकायतें लगातार नगर निगम के पास पहुंच रही हैं। निगम अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे मामलों में भवन मालिकों को पहले नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाता है।
सुनवाई के दौरान यदि निर्माण नियमों के विपरीत और गैर-कानूनी पाया जाता है, तो उसे तत्काल अवैध घोषित कर हटाने के आदेश दिए जाते हैं।
नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई से शहर में बिना अनुमति या स्वीकृत नक्शे का उल्लंघन कर निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है।