शिमला:
हिमाचल प्रदेश को वित्तीय मोर्चे पर एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार की ओर से राज्य को मिलने वाली ग्रांट-इन-एड (अनुदान सहायता) में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
वित्त विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य को 18,412.58 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ था, जो 2024-25 में घटकर महज 13,721.61 करोड़ रुपये रह गया है। यह लगातार चौथा ऐसा वित्तीय वर्ष है जब केंद्रीय मदद के ग्राफ में गिरावट आई है।
राजस्व में केंद्रीय अनुदान की हिस्सेदारी घटी
अनुदान में आ रही इस लगातार कमी का सीधा असर हिमाचल के राजस्व पर पड़ा है। 2020-21 में राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों (Revenue Receipts) में केंद्रीय अनुदान की हिस्सेदारी 55.06 प्रतिशत थी, जो अब 2024-25 में गिरकर 33.57 प्रतिशत रह गई है।
इस भारी गिरावट के चलते राज्य सरकार को अपने नियमित खर्चों, विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने के लिए या तो आंतरिक संसाधन जुटाने होंगे या फिर कर्ज का सहारा लेना पड़ेगा।
लगातार घट रहा है अनुदान का ग्राफ (वर्षवार आंकड़े):
वर्षग्रांट-इन-एड (रुपये में)गिरावट (प्रतिशत)2020-2118,412.58 करोड़-2021-2217,633.32 करोड़-4.23%2022-2316,733.93 करोड़-5.10%2023-2414,942.15 करोड़-10.71%2024-2513,721.61 करोड़-8.17%
वित्त आयोग के अनुदान में सबसे ज्यादा कैंची
आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ी कटौती वित्त आयोग के अनुदान में हुई है। 2020-21 में वित्त आयोग से राज्य को 12,424.10 करोड़ रुपये मिले थे, जो 2024-25 में घटकर 7,431.54 करोड़ रुपये ही रह गए हैं।
चालू वित्त वर्ष में मिले अनुदान का ब्योरा:
पोस्ट-डिवोल्यूशन रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट: 6,258 करोड़ रुपये
स्थानीय निकाय (Local Bodies): 610.48 करोड़ रुपये
राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF): 378.40 करोड़ रुपये
राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF): 184.66 करोड़ रुपये
अन्य ट्रांसफर व अनुदान: 135.49 करोड़ (जो 2020-21 में 1,767.19 करोड़ थे)
केंद्रीय योजनाओं से मिली थोड़ी राहत
इस पूरे संकट के बीच केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं (Centrally Sponsored Schemes) के तहत मिलने वाले बजट में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2020-21 में इन योजनाओं के तहत हिमाचल को 4,221.29 करोड़ रुपये मिले थे, जो 2024-25 में बढ़कर 6,154.58 करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं।
ग्रांट-इन-एड में हो रही इस भारी कटौती के मुद्दे को मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को राज्य की संवेदनशील वित्तीय स्थिति से अवगत कराते हुए हिमाचल प्रदेश के लिए विशेष आर्थिक पैकेज जारी करने की मांग की है।