हिमाचल कांग्रेस प्रभारी ने सोशल मीडिया पर किया स्पष्ट, रिपोर्ट सौंपने की खबरों का किया खंडन
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कांग्रेस हाईकमान को रिपोर्ट सौंपने संबंधी मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को लेकर उन्होंने पार्टी हाईकमान को किसी भी प्रकार की कोई रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है।
रजनी पाटिल ने कहा कि मीडिया के कुछ वर्गों में यह खबर प्रकाशित और प्रसारित की गई कि उन्होंने प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर कांग्रेस नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपी है। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि ऐसी कोई रिपोर्ट हाईकमान को नहीं दी गई है।
उन्होंने मीडिया से अपील की कि किसी भी समाचार को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें। उन्होंने कहा कि अपुष्ट जानकारी से भ्रम की स्थिति पैदा होती है और इससे राजनीतिक माहौल भी प्रभावित हो सकता है।
आखिर विवाद क्यों शुरू हुआ?
पिछले कुछ दिनों से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में सरकार और संगठन को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं चल रही थीं। मीडिया की कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल से सरकार के कामकाज और संगठन की स्थिति पर फीडबैक मांगा था और उन्होंने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व पार्टी नेतृत्व को सौंप दी है।
इन रिपोर्टों में सरकार के कामकाज, संगठन और सरकार के बीच समन्वय तथा कुछ मंत्रियों और विधायकों के प्रदर्शन का भी उल्लेख होने का दावा किया गया था। इन खबरों के बाद प्रदेश की राजनीति में अटकलों का दौर शुरू हो गया और विपक्ष ने भी इसे मुद्दा बनाया।
हालांकि, रजनी पाटिल ने अपने ताजा बयान में इन सभी दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस हाईकमान को हिमाचल प्रदेश सरकार के संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। उन्होंने किसी विशेष मीडिया संस्थान का नाम लिए बिना तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने की अपील की है।
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