मंडी
हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सरदार पटेल विश्वविद्यालय (SPU) मंडी के क्षेत्राधिकार में कटौती को लेकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बिंदल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार सुनियोजित तरीके से इस विश्वविद्यालय को व्यवस्थित रूप से कमजोर कर रही है। उन्होंने इसे मंडी क्षेत्र के छात्रों और युवाओं के हितों पर सीधी चोट करार दिया।
कॉलेजों की संख्या घटाने पर जताई आपत्ति
डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्ष 2022 में भाजपा सरकार ने मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे मध्य क्षेत्रों के छात्रों को घर-द्वार पर उच्च शिक्षा प्रदान करने और शिमला विश्वविद्यालय (HPU) का बोझ कम करने के लिए SPU की स्थापना की थी।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, "स्थापना के समय इस विश्वविद्यालय से लगभग 119 से 128 कॉलेज संबद्ध थे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने द्वेषपूर्ण नीति के तहत इन्हें वापस शिमला विश्वविद्यालय से जोड़ दिया। आज SPU के पास केवल 50 के करीब कॉलेज बचे हैं, जो इसकी प्रासंगिकता को खत्म करने की साजिश है।"
"राजनीतिक प्रतिशोध की शिकार हुई शिक्षा"
भाजपा अध्यक्ष ने सीधा आरोप लगाया कि मंडी जिला में भाजपा को मिले भारी जनसमर्थन के कारण कांग्रेस सरकार राजनीतिक मानसिकता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों को कमजोर करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
बिंदल के अनुसार, कॉलेजों को वापस शिमला से जोड़ने के कारण अब छात्रों और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ेगा। डिग्री, प्रमाणपत्र और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए अब छात्रों को फिर से शिमला के चक्कर काटने होंगे।
संस्थानों पर 'ताले' लगाने का लगाया आरोप
कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्तमान सरकार का इतिहास संस्थानों को बंद करने का रहा है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने प्रदेशभर में स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्रों सहित 1500 से अधिक संस्थानों पर ताले लगाए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा सरदार पटेल विश्वविद्यालय के अस्तित्व और हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से संघर्ष करेगी। बिंदल ने सरकार से मांग की है कि SPU को कमजोर करने वाले फैसलों को तुरंत वापस लेकर इसे संसाधन संपन्न बनाया जाए।