धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री प्रोफेसर चौधरी चंद्र कुमार ने धर्मशाला नगर निगम चुनावों के प्रचार के बीच भाजपा पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को धर्मशाला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में बतौर कांग्रेस वरिष्ठ पर्यवेक्षक पहुंचे चंद्र कुमार ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर धर्मशाला को केवल "कंक्रीट का जंगल" बनाकर छोड़
दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा वर्तमान में एक "बंटी हुई पार्टी" है और नगर निगम चुनावों में कांग्रेस भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज करेगी।
स्मार्ट सिटी के कार्यों में धांधली का आरोप और जांच की मांग
मंत्री चंद्र कुमार ने स्मार्ट सिटी परियोजना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इसका खाका पिछली कांग्रेस सरकार के समय तैयार हुआ था, लेकिन इसे बेतरतीब ढंग से लागू किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं को नजरअंदाज किया गया। चंद्र कुमार ने कहा, "धर्मशाला आज न तो मॉडल टाउन दिखता है और न ही विकसित शहर।
ऑटोमेटिक कूड़ेदानों से लेकर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट्स तक, हर कार्य में अनियमितताएं हुई हैं, जिसकी विस्तृत जांच की जानी चाहिए।" उन्होंने ट्यूलिप गार्डन के निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि वन भूमि पर बिना अनुमति निर्माण कर उसे बाद में वन विभाग को सौंपना नियमों का उल्लंघन है।
सरकार की उपलब्धियों और गारंटियों का बखान
राज्य सरकार के कामकाज का बचाव करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि गंभीर आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कांग्रेस सरकार ने अपनी प्रमुख गारंटियों को पूरा किया है। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित उपलब्धियों का उल्लेख किया पुरानी पेंशन योजना को लागू कर कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा दी।
गाय के दूध की खरीद 60 रुपये और भैंस के दूध की खरीद 80 रुपये प्रति लीटर सुनिश्चित की। धगवार में 235 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक डेयरी परियोजना की शुरुआत।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग पर साधा निशाना
चंद्र कुमार ने भाजपा पर ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा में निर्वाचित सरकारों को गिराने की एक नकारात्मक संस्कृति विकसित हो गई है।
मतदाता सूचियों में वार्डों के बीच मतदाताओं के स्थानांतरण के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती थीं, फिर भी यदि कोई शिकायत आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी। मंत्री के इस कड़े रुख ने धर्मशाला के चुनावी रण में कांग्रेस की स्थिति को और अधिक आक्रामक बना दिया है।