कांगड़ा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने संगठन को लेकर कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि जिला अध्यक्ष किसी गुट विशेष या नेताओं की 'परिक्रमा संस्कृति' से बाहर निकलें।
कांगड़ा के समीप गुप्ता गंगा स्थित यात्री सदन में हिमाचल, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के जिला अध्यक्षों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन पर उन्होंने संगठन की मजबूती के लिए नया रोडमैप पेश किया।
कार्यशाला के दौरान राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों को निष्पक्षता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा जिला अध्यक्ष केवल आलाकमान को खुश करने वाली रिपोर्ट न दें, बल्कि सही और गलत का निष्पक्ष आकलन कर वास्तविक स्थिति बताएं।
राहुल ने स्पष्ट किया कि अध्यक्षों को किसी गुट के 'वकील' की तरह पक्षपात करने के बजाय 'जज' की तरह निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए। संगठन को मजबूती देने के लिए जिला अध्यक्षों को अपने विवेक से नियुक्तियां करने और स्वतंत्र निर्णय लेने की खुली छूट दी जाएगी।
हिमाचल कांग्रेस में अंदरूनी कलह और गुटबाजी पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि किसी गुट से जुड़ने के बजाय जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि केवल प्रतीकात्मक कार्यक्रमों से राजनीति नहीं चलेगी। दलितों, गरीबों और महिलाओं के हक के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना होगा।
संगठन में जवाबदेही तय करते हुए राहुल गांधी ने घोषणा की कि जो जिला अध्यक्ष जमीनी स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें भविष्य में पार्टी के भीतर बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
पार्टी की असली ताकत बूथ कार्यकर्ता हैं। ईमानदार और मेहनती कार्यकर्ताओं की पहचान कर उन्हें उचित सम्मान और अवसर दिया जाएगा। प्रत्येक चुनाव के बाद हार-जीत के कारणों का गहराई से आत्ममंथन करना अनिवार्य है।
सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चली इस मैराथन कार्यशाला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। राहुल ने कार्यकर्ताओं से अपने मन से डर निकालकर आत्मविश्वास के साथ जनता के बीच जाने का आह्वान किया।
जब तक आप तनावमुक्त होकर और आत्मविश्वास के साथ आम आदमी की आवाज नहीं बनेंगे, तब तक संगठन धरातल पर मजबूत नहीं होगा। नेताओं की परिक्रमा छोड़कर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करें। — राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष (लोकसभा)