कांगड़ा।
हिमाचल प्रदेश में नशे के सौदागरों ने अब तस्करी के लिए मासूम बच्चों को ढाल बनाना शुरू कर दिया है। कांगड़ा जिले के गगल थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले में एक 13 वर्षीय नाबालिग को 130.48 ग्राम चिट्टे (हेरोइन) के साथ हिरासत में लिया है। यह खेप अमृतसर से बैजनाथ जा रही एचआरटीसी (HRTC) बस के जरिए लाई जा रही थी।
गगल थाना प्रभारी उधम सिंह राजपूत के अनुसार, सीआईए कांगड़ा की टीम एएसआई मनजीत सिंह के नेतृत्व में बनोई पुल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर नियमित चेकिंग कर रही थी। बुधवार रात करीब 9 बजे शाहपुर की ओर से आ रही अमृतसर-बैजनाथ रूट की एचआरटीसी बस को तलाशी के लिए रोका गया।
बस की तलाशी के दौरान पुलिस को एक 13 साल का बच्चा अकेला बैठा मिला। संदेह होने पर जब उसके पास मौजूद भूरे रंग के पिट्ठू बैग की जांच की गई, तो उसके भीतर से 130.48 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इतनी कम उम्र के बच्चे के पास इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
प्रारंभिक पूछताछ में नाबालिग ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि यह बैग उसे अमृतसर में उसके एक रिश्तेदार ने दिया था। रिश्तेदार ने ही उसे बस में बैठाया और कहा था कि वह आगे चलकर उससे यह सामान ले लेगा। पुलिस अब उस रिश्तेदार और इस पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई है जिसने बच्चे का इस्तेमाल ड्रग कूरियर के रूप में किया।
कांगड़ा पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पुलिस का मानना है कि तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए बच्चों को इस अवैध धंधे में धकेलना शुरू किया है। पुलिस अब नाबालिग के कॉल रिकॉर्ड्स और अमृतसर स्थित उसके संपर्कों को खंगाल रही है ताकि इस रैकेट के सरगना तक पहुंचा जा सके।