SLBSGMCH के स्त्री रोग और सर्जरी विभाग की संयुक्त टीम ने रचा कीर्तिमान, न्यूनतम चीर-फाड़ से किया सफल उपचार
श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SLBSGMCH), नेरचौक ने रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग एवं सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने 65 वर्षीय महिला की पित्ताशय की पथरी के साथ गर्भाशय और अंडाशय की रसौली की जटिल रोबोटिक सर्जरी एक ही बार में सफलतापूर्वक
की। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार हिमाचल प्रदेश के किसी स्वास्थ्य संस्थान में अपनी तरह की यह पहली जटिल रोबोटिक सर्जरी है।
इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को स्त्री रोग विभाग के डॉ. नलनीश शर्मा और डॉ. केशव बेनीपाल तथा सर्जरी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. जसा के सहयोग से पूरा किया।
अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक की मदद से चिकित्सकों ने न्यूनतम चीर-फाड़ के माध्यम से महिला का सफल उपचार किया। सर्जरी के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ और स्वस्थ होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। छुट्टी के दौरान मरीज और उसके परिजनों ने अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं की सराहना करते हुए खुशी जताई।
मंडी जिले के त्रिफालघाट की रहने वाली यह महिला एक पूर्व सैनिक की विधवा है और लंबे समय से अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान थी। वह ECHS के तहत चंडीगढ़ में अपना उपचार करवा रही थी।
उम्र और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण वहां चिकित्सक इस जोखिम भरी सर्जरी को करने में सावधानी बरत रहे थे। इसी दौरान महिला ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध रोबोटिक सर्जरी की सुविधा के बारे में समाचार पत्रों में पढ़ा और उपचार के लिए SLBSGMCH पहुंची।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. केशव बेनीपाल ने मरीज का विस्तृत आकलन करने के बाद सर्जरी एवं निश्चेतना विभाग की टीम के साथ समन्वय स्थापित किया और इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।
प्राचार्य ने मेडिकल टीम को दी बधाई
इस उपलब्धि पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने पूरी मेडिकल टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता चिकित्सकों की उत्कृष्ट कार्यकुशलता, समर्पण और आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल का प्रमाण है। उन्होंने प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया।
प्राचार्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराए गए अत्याधुनिक रोबोटिक उपकरणों के कारण अब प्रदेश में ही जटिल से जटिल सर्जरी संभव हो रही है। इससे हिमाचल के स्थानीय और दूरदराज के मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है और उन्हें महंगे निजी अस्पतालों या उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत भी कम हो रही है।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी अत्याधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से प्रदेशवासियों को बेहतर और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास जारी रहेंगे।
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