सुक्खू बोले- किसी के दबाव में काम नहीं करेगी सरकार, 67 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनरों का एरियर जारी; 2016 से 2022 के बीच रिटायर कर्मचारियों की 55 फीसदी देनदारी चुकाई
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है और कर्मचारियों तथा पेंशनरों की लंबित देनदारियों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी दबाव में आकर निर्णय नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, कर्मचारियों और पेंशनरों की शेष सभी बकाया देनदारियों का भी चरणबद्ध तरीके से भुगतान किया जाएगा।
67 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनरों का एरियर जारी
सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार ने 67 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों का एरियर जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को लेकर गंभीर है और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के आधार पर उनकी देनदारियों का भुगतान लगातार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार ने फोर्थ क्लास के सभी पेंशनरों की देनदारियों का भुगतान कर दिया है। इसके अलावा वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों की 55 फीसदी देनदारी भी अदा की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि बाकी देनदारियों का भुगतान भी प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ किया जाएगा।
भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर बढ़ाया राजस्व: सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद कर राजस्व जुटाने की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों का उद्देश्य प्रदेश के वित्तीय संसाधनों को मजबूत करना और उपलब्ध राजस्व का बेहतर इस्तेमाल करना है।
उन्होंने कहा कि आरडीजी बंद होने के बावजूद प्रदेश सरकार ने पेंशनरों की देनदारियों का भुगतान किया है। मुख्यमंत्री ने वित्तीय अनुशासन को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि राजस्व बढ़ाकर ही कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की प्रभावी तरीके से रक्षा की जा सकती है।
आपदा राहत के 1500 करोड़ रुपये को लेकर केंद्र पर निशाना
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के लिए आपदा राहत के तौर पर 1500 करोड़ रुपये की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक प्रदेश को इस राशि में से एक पैसा भी प्राप्त नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश लगातार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुआ है और ऐसे समय में राज्य को केंद्र से अपेक्षित आर्थिक सहायता मिलना जरूरी है। उन्होंने केंद्र से घोषित राहत राशि उपलब्ध करवाने की मांग को भी दोहराया।
वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर सरकार का जोर
सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और राजस्व बढ़ाने की नीति के साथ काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाए और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर कर्मचारियों, पेंशनरों समेत विभिन्न वर्गों की देनदारियों का भुगतान किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार किसी दबाव में काम नहीं करेगी। प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ कर्मचारियों और पेंशनरों की बाकी देनदारियों का भुगतान भी समय-समय पर किया जाएगा।
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