शहर में अतिक्रमण पर प्रशासन का शिकंजा, 40 अवैध कब्जे हटाए; जेसीबी से कार्रवाई, आगे भी जारी रहेगा अभियान

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शहर में अतिक्रमण पर प्रशासन का शिकंजा, 40 अवैध कब्जे हटाए; जेसीबी से कार्रवाई, आगे भी जारी रहेगा अभियान

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प्रशासन बोला- किसी व्यक्ति या वर्ग को निशाना नहीं बनाया जा रहा, लाइसेंस के बावजूद एक जगह स्थायी कब्जा करने वालों पर भी होगी कार्रवाई; मंथली रोस्टर बनाने की तैयारी

शहर में बढ़ते अतिक्रमण और अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत करीब 40 अवैध कब्जों और अतिक्रमण को हटाया गया है। कार्रवाई के दौरान जेसीबी की मदद से कई अवैध निर्माणों को हटाया गया, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान भी किए जा रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए यह अभियान केवल एक-दो दिन तक सीमित नहीं रहेगा। जहां भी नियमों के विपरीत कब्जा या अवैध निर्माण सामने आएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पहले की गई पैमाइश और निशानदेही
अधिकारियों के अनुसार जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई, वहां अचानक जेसीबी नहीं पहुंचाई गई थी। कार्रवाई से पहले संबंधित स्थानों की पैमाइश और निशानदेही की गई थी। जिन निर्माणों और कब्जों को हटाया जाना था, उन्हें पहले ही पीले रंग से चिन्हित कर दिया गया था।

संबंधित लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त समय भी दिया गया। प्रशासन के अनुसार कई लोगों ने निर्धारित समय के भीतर खुद कब्जा हटा लिया, जबकि कुछ लोगों ने ऐसा नहीं किया। इसके बाद मजबूरन जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी पड़ी।

‘पिक एंड चूज’ के आरोप पर प्रशासन का जवाब
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर उठने वाले ‘पिक एंड चूज’ के सवाल पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभियान में किसी व्यक्ति, व्यापारी या किसी विशेष वर्ग को निशाना नहीं बनाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जहां भी अतिक्रमण सामने आ रहा है, वहां नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि कार्रवाई किसी की व्यक्तिगत पहचान या व्यवसाय को देखकर नहीं बल्कि उपलब्ध रिकॉर्ड, पैमाइश और नियमों के आधार पर की जा रही है। जिन मामलों में अतिक्रमण स्पष्ट रूप से चिन्हित है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

लाइसेंसधारी स्ट्रीट वेंडर्स को लेकर भी स्थिति स्पष्ट
अभियान के दौरान कुछ ऐसे स्ट्रीट वेंडर्स भी सामने आए, जिनके पास मूवेबल रेहड़ी आदि लगाने का लाइसेंस था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समस्या लाइसेंस होने की नहीं, बल्कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन कर एक ही स्थान पर लगातार कब्जा करके बैठने की है।

प्रशासन के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के पास रेहड़ी लगाने का वैध लाइसेंस है, लेकिन वह निर्धारित नियमों के विपरीत एक ही स्थान पर स्थायी रूप से कब्जा कर लेता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। नगर निगम के पास स्ट्रीट वेंडर्स और लाइसेंसधारियों से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध है और इसी रिकॉर्ड के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर होगा फैसला
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में पैमाइश, रिकॉर्ड या अन्य तकनीकी पहलू जुड़े हुए हैं, वहां जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के पास जमीन या निर्माण से संबंधित वैध दस्तावेज हैं तो उनकी जांच की जाएगी और रिकॉर्ड के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ऐसे मामलों में लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा।

अतिक्रमण हटाना लगातार चलने वाली प्रक्रिया
प्रशासन के अनुसार अतिक्रमण हटाना कोई एक-दो दिन चलने वाला अभियान नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया है। यदि कुछ समय कार्रवाई करने के बाद अभियान बंद कर दिया जाता है तो अतिक्रमण करने वालों के बीच यह धारणा बन सकती है कि प्रशासन वापस चला गया है और वे दोबारा उसी स्थान पर कब्जा कर सकते हैं।

इसी वजह से प्रशासन अब अभियान को नियमित रूप से चलाने की योजना बना रहा है। अधिकारियों के मुताबिक भविष्य में भी शहर के विभिन्न हिस्सों में अतिक्रमण की निगरानी और कार्रवाई जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।

मंथली रोस्टर तैयार करने की तैयारी
अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को नियमित बनाने के लिए प्रशासन की ओर से अधिकारियों की ड्यूटी लगाने और मंथली रोस्टर तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत तय किया जा सकता है कि किस अवधि में कौन अधिकारी अतिक्रमण की निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी संभालेगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य अभियान में निरंतरता बनाए रखना है, ताकि अतिक्रमण होने के बाद लंबे समय तक कार्रवाई का इंतजार न करना पड़े और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

प्रोटोकॉल और चुनावी ड्यूटी से प्रभावित होता है अभियान
हालांकि अधिकारियों ने यह भी माना कि प्रशासनिक स्तर पर कई तरह की जिम्मेदारियां होने के कारण अतिक्रमण विरोधी अभियान कई बार प्रभावित होता है। प्रोटोकॉल ड्यूटी, चुनाव और अन्य प्रशासनिक कार्यों में अधिकारियों की व्यस्तता के चलते नियमित अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

इसके बावजूद प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों की ड्यूटी और रोस्टर व्यवस्था तैयार करने पर विचार किया जा रहा है।

शहर को अतिक्रमण मुक्त रखने पर जोर
प्रशासन ने साफ किया है कि शहर में अवैध कब्जों और अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बढ़ने नहीं दिया जाएगा। अभियान के दौरान जहां अतिक्रमण चिन्हित होगा, वहां नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती हटाए गए अतिक्रमण वाली जगहों पर दोबारा कब्जा होने से रोकने की है। अधिकारियों का कहना है कि नियमित निगरानी और लगातार अभियान के माध्यम से ऐसी स्थिति को रोकने का प्रयास किया जाएगा। आने वाले समय में मंथली रोस्टर और नियमित निरीक्षण व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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