कलूर से बागछाल तक सड़क होगी अपग्रेड, धनेटा में दो बाईपास बनने से यातायात होगा सुगम। परियोजना से धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा।
हिमाचल प्रदेश के नादौन विधानसभा क्षेत्र में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए बड़ी परियोजना पर काम तेज हो गया है। कलूर से बिलासपुर जिले के बागछाल तक प्रस्तावित 93 किलोमीटर लंबी सड़क का अपग्रेडेशन किया जाएगा।
इसके साथ ही धनेटा क्षेत्र में दो नए बाईपास भी बनाए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए 1.98 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है और लोक निर्माण विभाग (PWD) को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
धनेटा में दो बाईपास से कम होगा ट्रैफिक दबाव
परियोजना के तहत पहला बाईपास धनेटा में ऊना-बंगाणा मार्ग को लोक निर्माण विभाग के उपमंडलीय कार्यालय के समीप जोड़ेगा। वहीं दूसरा करीब 1.6 किलोमीटर लंबा बाईपास भदरूं गौशाला तक बनाया जाएगा, जो धनेटा-बड़सर-मैहरे मार्ग से जुड़ेगा। इन दोनों बाईपास के बनने से धनेटा बाजार में वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को सुगम एवं सुरक्षित यातायात सुविधा मिलेगी।
12 मीटर चौड़ा होगा सड़क कॉरिडोर
पूरी परियोजना के तहत सड़क का कॉरिडोर लगभग 12 मीटर चौड़ा विकसित किया जाएगा। इसमें 7.5 मीटर चौड़ी पक्की सड़क, दोनों ओर करीब 1.5-1.5 मीटर चौड़े पेव्ड ब्लॉक, एक-एक मीटर चौड़ी जल निकासी नालियां और जहां संभव होगा वहां सजावटी एवं सुगंधित पौधों का रोपण किया जाएगा। इस परियोजना का निर्माण विश्व बैंक की वित्तीय सहायता से प्रस्तावित है।
चार गांवों की भूमि होगी अधिग्रहित
बाईपास निर्माण के लिए कवाथरू, धनेटा, अमरोहा और भदरूं गांवों की कुल 1.7875 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें कवाथरू की 0.2387 हेक्टेयर, धनेटा की 1.0138 हेक्टेयर, अमरोहा की 0.1257 हेक्टेयर और भदरूं की 0.4093 हेक्टेयर भूमि शामिल है। भूमि अधिग्रहण के लिए भू-स्वामियों के साथ नेगोशिएशन कमेटी की बैठक भी पूरी हो चुकी है।
यह सड़क कलूर से अमलैहड़, धनेटा, ज्योली देवी, बड़सर, मैहरे, शाहतलाई, घराण, कलोल और जेजवीं होते हुए बागछाल पुल के पास किरतपुर-मनाली फोरलेन (एनएच-203) से जुड़ेगी। परियोजना पूरी होने के बाद चंडीगढ़ और पंजाब से आने वाले श्रद्धालु श्री नैना देवी, दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालकनाथ मंदिर और श्री ज्वालाजी मंदिर तक अधिक आसान और कम समय
में पहुंच सकेंगे। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
डीपीआर तैयार होने के बाद शुरू होगी निर्माण प्रक्रिया
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह जुबलानी ने बताया कि उच्च अधिकारियों से आवश्यक निर्देश प्राप्त होने के बाद डीपीआर जल्द तैयार की जाएगी। वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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