करोड़ों रुपये के बकाया ऋण की वसूली के लिए बैंक की सख्त कार्रवाई जारी। गैर-जमानती वारंट के बाद पुलिस ने बड़े डिफॉल्टर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।
बघाट बैंक द्वारा चलाए जा रहे ऋण वसूली अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक के सबसे बड़े ऋण डिफॉल्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं (ARCS) की अदालत में पेश किया गया, जहां मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई की तिथि तय कर दी।
नोटिस के बाद भी जमा नहीं की बकाया राशि
बैंक प्रबंधन के अनुसार, लंबे समय से ऋण वसूली अभियान चलाया जा रहा है। संबंधित डिफॉल्टरों को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन निर्धारित समय के भीतर बकाया राशि जमा नहीं कराई गई। इसके बाद बैंक ने कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए ARCS अदालत का रुख किया, जहां से गैर-जमानती वारंट जारी किए गए।
सबसे अधिक बकाया ऋण वाले डिफॉल्टर पर कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किया गया व्यक्ति बैंक का सबसे बड़ा ऋण बकायेदार है। अदालत में सुनवाई के दौरान ऋण वसूली और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। अब अगली सुनवाई में अदालत आवश्यक निर्देश जारी करेगी।
डिफॉल्टरों के खिलाफ अभियान जारी
बघाट बैंक की ओर से ऋण डिफॉल्टरों के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान लगातार जारी है। अब तक कई डिफॉल्टरों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा चुका है। कार्रवाई के बाद कई छोटे डिफॉल्टरों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी बकाया राशि जमा कर दी है, जबकि बड़े बकायेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
बैंक का स्पष्ट संदेश
बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने बैंक से ऋण लिया है, उनसे नियमानुसार पूरी बकाया राशि की वसूली की जाएगी। किसी भी ऋण डिफॉल्टर के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
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