माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में संचालित सुगम दर्शन प्रणाली को लेकर पूर्व विधायक बलबीर चौधरी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रणाली में लंबे समय से वित्तीय अनियमितताएं होती रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ मंदिर न्यास को भी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है।
बलबीर चौधरी ने दावा किया कि प्रारंभिक जांच में एक दिन के भीतर करीब 80 संदिग्ध पास बनाए जाने का मामला सामने आया है। उन्होंने आशंका जताई कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि सुगम दर्शन प्रणाली शुरू होने के बाद से लगातार चल रही अनियमितताओं का हिस्सा हो सकती है।
उनके अनुसार इस मामले में लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पूर्व विधायक ने कहा कि जांच को पारदर्शी बनाने के लिए उन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रक्रिया से अलग रखा जाना चाहिए, जिनके कार्यकाल में यह व्यवस्था संचालित हुई या जिनके पास पासवर्ड और प्रशासनिक अधिकार रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की कि मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश या विजिलेंस एजेंसी से करवाई जाए।
उन्होंने बताया कि जुलाई में एक श्रद्धालु सुगम दर्शन पास लेकर मंदिर पहुंचा था, लेकिन लिफ्ट कर्मचारियों ने उसे बताया कि उसका पास पहले ही इस्तेमाल हो चुका है। श्रद्धालु की शिकायत के बाद कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया।
बलबीर चौधरी ने मांग की कि सुगम दर्शन प्रणाली शुरू होने से लेकर अब तक के सभी रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके।
पत्रकार वार्ता में पूर्व प्रधान केवल कृष्ण कालिया, पूर्व ट्रस्टी निरंजन कालिया, सतीश कालिया, राजन कालिया, राजेश कालिया, अजय कालिया और विकास भारद्वाज सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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