डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड में करीब 80 संदिग्ध लेनदेन मिले, मंदिर प्रशासन की शिकायत पर बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज।
विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री चिंतपूर्णी मंदिर की सुगम दर्शन पास व्यवस्था में डिजिटल भुगतान से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। मंदिर प्रशासन द्वारा डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के दौरान एक ही ट्रांजेक्शन आईडी और एक ही मोबाइल नंबर से कई भुगतान दर्ज पाए जाने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर साइबर जांच शुरू कर दी है।
रिकॉर्ड जांच में सामने आई गड़बड़ी
मंदिर अधिकारी संजीव कुमार की शिकायत के अनुसार, 19 जून के डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड की जांच के दौरान कई ऐसे लेनदेन सामने आए जिनमें भुगतान का माध्यम क्यूआर कोड दर्ज था। तकनीकी जांच में पाया गया कि कई प्रविष्टियों में एक ही ट्रांजेक्शन आईडी और एक ही मोबाइल नंबर का बार-बार उपयोग दिखाया गया है, जबकि सामान्य डिजिटल भुगतान प्रणाली में ऐसा होना असामान्य माना जाता है।
प्रारंभिक जांच में करीब 80 डिजिटल लेनदेन संदिग्ध पाए गए हैं।
बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज
मंदिर प्रशासन की शिकायत के आधार पर चिंतपूर्णी थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
साइबर एंगल से हो रही जांच
पुलिस अब पूरे मामले की साइबर एंगल से जांच कर रही है। इसके तहत डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड, तकनीकी लॉग, ट्रांजेक्शन डेटा और संबंधित सॉफ्टवेयर की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मामला किसी तकनीकी त्रुटि का परिणाम है या फिर सुनियोजित डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी का।
एसपी ऊना ने क्या कहा?
पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि मामले से जुड़े सभी डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनियमितता किस प्रकार हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस सभी संदिग्ध डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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