हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं से कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। लाहौल-स्पीति, कुल्लू और मंडी में बारिश से भारी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो गईं, जबकि पुल और पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
प्रदेश में अब तक 135 सड़कें, 44 ट्रांसफार्मर और 38 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 31 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश को देखते हुए प्रदेश के कई इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
लाहौल-स्पीति में बादल फटने से सात गांवों का संपर्क कटा
लाहौल-स्पीति की मयाड़ घाटी में धौंधल नाला क्षेत्र में शनिवार रात बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। तेज बहाव में एक पुल और सड़क बह गए, जिससे क्षेत्र के सात गांवों का संपर्क टूट गया।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। स्थानीय लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मनाली में ट्रेकिंग के दौरान युवक की मौत
मनाली के शनाग-मझाच क्षेत्र में ट्रेकिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जम्मू-कश्मीर निवासी ट्रैकर धनंजय वर्मा शनिवार को मझाच नाले के तेज बहाव में बह गए।
पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने रातभर खोज अभियान चलाया। रविवार सुबह वभारी बारिश के कारण कुल्लू जिले में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। आनी क्षेत्र के कराशा में एनएच-305 करीब 14 घंटे तक बंद रहा। लूहरी से कमांशिष्ठ चौक के पास ब्यास नदी से उनका शव बरामद किया गया।
कुल्लू और मंडी में भूस्खलन से सड़कें प्रभावित
भारी बारिश के कारण कुल्लू जिले में कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। आनी क्षेत्र के कराशा में एनएच-305 करीब 14 घंटे तक बंद रहा। लूहरी से कमांद तक कई जगह मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ।
सेब सीजन के चलते बड़ी संख्या में सेब से लदे वाहन रास्तों में फंस गए। लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई की टीमों ने रविवार दोपहर सड़क को यातायात के लिए बहाल किया।
कुल्लू की सुचैहण पंचायत में दो पुलिया बह गईं, जबकि गाड़ापारली पंचायत में पैदल रास्ते को नुकसान पहुंचा है।
मंडी जिले में टांडू के पास पहाड़ी से चट्टानें और मलबा गिरने से मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग करीब चार घंटे तक बाधित रहा।
सुंदरनगर में जलभराव, लोगों ने छोड़े घर
सुंदरनगर में शनिवार रात हुई तेज बारिश के बाद कई वार्डों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। नालों का पानी घरों तक पहुंच गया।
वार्ड-8 में लिंडी खड्ड उफान पर आने के बाद किनारे रहने वाले लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया।
बोह पहुंचे मुख्यमंत्री, प्रभावितों को राहत का भरोसा
शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के बोह में बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दौरा किया। उन्होंने राहत शिविरों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करते हुए कहा कि मकान निर्माण के लिए 7.50 लाख रुपये और घरेलू सामान के लिए 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
मौसम विभाग ने 28 से 31 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
27 जुलाई को बिलासपुर, मंडी, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 28 जुलाई को मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों से दूर रहने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा से बचने और मौसम विभाग व प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
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