मंडी
हिमाचल प्रदेश की मंडी पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक निर्णायक जंग छेड़ दी है। पुलिस अब केवल तस्करों को सलाखों के पीछे पहुँचाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि नशे की काली कमाई से खड़ी की गई उनकी आर्थिक साम्राज्य को भी ध्वस्त कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक नशा तस्कर की लगभग 12.96 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को जब्त और फ्रीज कर एक कड़ा संदेश दिया है।
मंडी जिले के थाना हटली में दर्ज एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी मनोहर लाल, निवासी दलाह (तहसील बलद्वाड़ा) के खिलाफ पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
जांच के दौरान यह पुख्ता सबूत मिले कि आरोपी ने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से ही यह संपत्तियां अर्जित की थीं। इसी आधार पर मंडी पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68F के तहत उसकी संपत्तियों को सीज करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
इस कार्रवाई की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह है कि नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) ने 30 अप्रैल 2026 को इस जब्ती की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। दिल्ली से मिली इस हरी झंडी के बाद अब यह मामला कानूनी रूप से और भी अधिक मजबूत हो गया है।
पुलिस ने आरोपी की तहसील बल्ह के गांव खलिहान में स्थित करीब 0-10-89 हेक्टेयर भूमि, एक आलीशान डबल स्टोरी मकान और एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (HP28C2846) को फ्रीज किया है, जिनकी कुल बाजार कीमत ₹12,95,590 आंकी गई है।
उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई थी जब पुलिस ने आरोपी मनोहर लाल के कब्जे से 466 ग्राम अफीम बरामद की थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने "फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन" (वित्तीय जांच) पर जोर दिया, जिससे यह खुलासा हुआ कि आरोपी की आय के वैध स्रोतों और उसकी संपत्ति के बीच भारी अंतर है।
यह वार सीधा नशे के उन सौदागरों पर है जो अवैध कारोबार से आलीशान जीवन जीने का सपना देखते हैं।
मंडी पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट कर दिया है कि देवभूमि में नशे का जहर घोलने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ न केवल गिरफ्तारी, बल्कि उनकी आर्थिक जड़ों को खत्म करने के लिए संपत्ति जब्ती और फ्रीजिंग जैसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कदम से समाज में कानून के प्रति विश्वास बढ़ा है और नशा माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।