लखनऊ
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है।
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ इस नई आपराधिक याचिका पर बुधवार अपराह्न 2:15 बजे अपने चैम्बर में सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट से 'अर्जेंट' सुनवाई का आग्रह किया था, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है।
यह याचिका कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई है। इसमें राहुल गांधी और उनके परिजनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है।
याचिका में मांग की गई है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले में विस्तृत जांच करे और नियमित मामला (आरसी) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाए। याचिकाकर्ता ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित से जुड़ा एक अत्यंत गंभीर मुद्दा बताया है।
याचिका की व्यापकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें केवल सीबीआई ही नहीं, बल्कि कई अन्य केंद्रीय एजेंसियों को भी प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने सीबीआई निदेशक के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग (IT), गृह मंत्रालय और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) को भी पक्षकार बनाया है।
दलील दी गई है कि इस कथित भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं, जिसकी जांच के लिए इन सभी एजेंसियों का समन्वय आवश्यक है।
राजनीतिक गलियारों में इस सुनवाई को लेकर काफी हलचल है, क्योंकि राहुल गांधी वर्तमान में लोकसभा में विपक्ष के नेता की अहम भूमिका में हैं। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान यह तय होगा कि क्या प्रथम दृष्टया सीबीआई जांच के पर्याप्त आधार मौजूद हैं या नहीं।
यदि कोर्ट जांच के आदेश देता है, तो आने वाले दिनों में रायबरेली सांसद की कानूनी परेशानियां बढ़ सकती हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें अपराह्न 2:15 बजे होने वाली चैम्बर सुनवाई के नतीजों पर टिकी हैं।