धर्मशाला
वर्षों से सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) में लंबित मामलों के निपटारे के लिए न्यायपालिका ने एक बड़ी पहल की है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा के सचिव आर. मियूल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 21 से 23 अगस्त 2026 तक सर्वोच्च न्यायालय परिसर में एक 'विशेष लोक अदालत' का आयोजन किया जा रहा है।
इसका मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से कानूनी विवादों का स्थायी समाधान करना है।
इस विशेष लोक अदालत को “समाधान समारोह 2026” अभियान का नाम दिया गया है। इसके तहत उन मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है जिनमें समझौते की गुंजाइश है। इस पहल से न केवल अदालतों का बोझ कम होगा, बल्कि पक्षकारों को भी लंबी कानूनी प्रक्रिया और भारी खर्च से मुक्ति मिलेगी।
लोक अदालत में लिए गए फैसले को कानूनन अंतिम माना जाता है और इसके खिलाफ कोई अपील नहीं होती, जिससे विवाद हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।
वर्चुअल और व्यक्तिगत उपस्थिति की सुविधा
तकनीक का लाभ उठाते हुए प्रशासन ने इस बार पक्षकारों को बड़ी राहत दी है। आर. मियूल शर्मा ने बताया कि जो लोग दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट परिसर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, वे वर्चुअल (ऑनलाइन) माध्यम से भी इन बैठकों में शामिल हो सकते हैं। इससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के समय और पैसे की बचत होगी।
कैसे करें आवेदन? 31 मई तक का समय
इच्छुक पक्षकार इस अवसर का लाभ उठाने के लिए 31 मई 2026 तक गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सचिव ने स्पष्ट किया कि लोक अदालत में केवल उन्हीं मामलों को सुनवाई के लिए शामिल किया जाएगा, जिनमें दोनों पक्षों की आपसी सहमति होगी। यदि एक पक्ष भी सहमत नहीं होता, तो मामले को लोक अदालत में नहीं लिया जा सकेगा।