मंडी
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की बल्ह तहसील के रत्ती गांव की बेटी प्रो. नितिका कौशल ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। देहरादून के हयात सेंट्रिक में आयोजित 'हिमालयन हेल्थकेयर इनोवेशन समिट 2026' के दौरान उन्हें “स्वास्थ्य सेवा में महिला नेतृत्व” (Women Leadership in Healthcare) सम्मान से नवाजा गया।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने प्रदान किया सम्मान
वेलोक्स मीडिया द्वारा आयोजित इस भव्य समिट में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रो. नितिका कौशल को चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।
इस अवसर पर उत्तराखंड सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा और एससीपीसीआर की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
साधारण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर
प्रो. नितिका कौशल वर्तमान में रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण (DSW) के पद पर कार्यरत हैं।
मूल निवास: रत्ती गांव, तहसील बल्ह, जिला मंडी (हिमाचल प्रदेश)।
माता-पिता: पिता श्री महेश कांत कौशल और माता श्रीमती तरुणा कौशल (पार्षद, बल्ह पंचायत)।
पारिवारिक जुड़ाव: प्रो. नितिका की शादी देहरादून में हुई है, जिससे उनका जुड़ाव हिमाचल और उत्तराखंड दोनों राज्यों से गहरा है।
समिट का मुख्य उद्देश्य: उपचार से पहले आरोग्य
संबोधन के दौरान राज्यपाल ने 'आयुष्मान भारत' जैसी योजनाओं की सराहना की और एआई (AI), टेलीमेडिसिन व प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में 'उपचार' से पहले 'आरोग्य' (Prevention) पर ध्यान देना आवश्यक है।
उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त
प्रो. नितिका कौशल को इससे पहले भी कई राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें मुख्य हैं:
भारत श्री राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार
राष्ट्रीय रत्न पुरस्कार
चिकित्सा शिक्षा में आधुनिक पद्धतियों के प्रोत्साहन हेतु विशेष सम्मान।
प्रो. नितिका की यह सफलता क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है कि कड़ी मेहनत और विजन के साथ किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
हिमालयी राज्यों का महाकुंभ
इस समिट में हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों के 150 से अधिक प्रतिभागियों और 40 विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल हेल्थ और महिलाओं के स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषयों पर मंथन किया गया।