शिमला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने से ठीक पहले सदन के बाहर सियासी पारा चढ़ गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल ने राज्य सरकार की नीतियों, विशेषकर हाल ही में बढ़ाए गए एंट्री टैक्स (Entry Tax) के विरोध में विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
महंगाई का हवाला देकर घेरी सरकार
नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने सरकार पर आम जनता पर आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया। जयराम ठाकुर ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि एंट्री टैक्स में की गई बढ़ोतरी का सीधा असर प्रदेश की आम जनता की जेब पर पड़ेगा।
व्यापार और ट्रांसपोर्ट पर संकट
विपक्ष ने तर्क दिया कि कमर्शियल गाड़ियों पर टैक्स बढ़ने से माल ढुलाई महंगी होगी, जिसके कारण दैनिक उपभोग की वस्तुओं और अन्य प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ना तय है। जयराम ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा सरकार के इस फैसले से न केवल महंगाई बढ़ेगी, बल्कि पड़ोसी राज्य पंजाब भी अब हिमाचल की गाड़ियों पर टैक्स लगाने की तैयारी कर रहा है।
यह 'टैक्स वॉर' हिमाचल की जनता के लिए बेहद नुकसानदायक साबित होगी।
भाजपा की प्रमुख मांगें:
टैक्स की वापसी: बढ़ाए गए एंट्री टैक्स को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए।
जनता को राहत: बजट में केवल घोषणाएं न हों, बल्कि धरातल पर आम आदमी को राहत मिले।
पड़ोसी राज्यों से समन्वय: अन्य राज्यों के साथ टैक्स विवाद को सुलझाया जाए ताकि प्रदेश के ट्रांसपोर्टरों को परेशानी न हो।
सदन में हंगामे के आसार
बजट भाषण से पहले विपक्ष के इस कड़े रुख ने यह साफ कर दिया है कि आगामी सत्र के दौरान सदन के भीतर भी तीखी बहस देखने को मिलेगी। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार जनविरोधी फैसलों को वापस नहीं लेती, उनका विरोध जारी रहेगा।