शिमला I
हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रतीक्षा खत्म हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की 51 शहरी निकायों और 3758 ग्राम पंचायतों में चुनाव करवाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार, यह पूरी चुनावी प्रक्रिया 31 मई 2026 से पहले संपन्न की जानी है।
प्रदेश के कुल 74 शहरी निकायों में से फिलहाल 51 निकायों में मतदान होगा। इनमें चार बड़े नगर निगम भी शामिल हैं नगर निगम सोलन, धर्मशाला, पालमपुर और मंडी। नगर परिषद 25 परिषद क्षेत्रों में मतदान होगा।
नगर पंचायत 22 नगर पंचायतों में चुनाव करवाए जाएंगे। शिमला नगर निगम का कार्यकाल अभी शेष है, जबकि नवनिर्मित निकायों और आरक्षण रोस्टर के पेंच के कारण शेष 23 निकायों में चुनाव अभी नहीं होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के तहत 3758 पंचायतों में वोट डाले जाएंगे। मतदाता निम्नलिखित पदों के लिए अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे जिला परिषद सदस्य और बीडीसी (BDC) सदस्य, ग्राम पंचायत प्रधान और उप-प्रधान, वार्ड पंच।
चुनावों की शुचिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं सभी जिलों के उपायुक्तों (DC), एसडीएम (SDM), जिला पंचायत अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों (BDO) को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक अपना स्टेशन न छोड़ने के आदेश दिए गए हैं।
किसी भी आपात स्थिति या चुनावी ड्यूटी के लिए अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश के इस विशाल चुनावी उत्सव को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए 50 हजार सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। निर्वाचन आयोग ने इस बार चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। महंगाई और मेहनत को देखते हुए आयोग ने कर्मचारियों के चुनाव भत्ते (Allowances) में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम (EVM) की जांच से लेकर पोलिंग बूथों के निर्धारण तक की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही प्रशासन ने चुनावी अमले को सक्रिय कर दिया है।