हिमाचल के हक और संसाधनों पर सुक्खू सरकार के बड़े फैसले, कानूनी लड़ाई से मिले अधिकार: राजेश धर्माणी

हिमाचल के हक और संसाधनों पर सुक्खू सरकार के बड़े फैसले, कानूनी लड़ाई से मिले अधिकार: राजेश धर्माणी
हिमाचल के हक और संसाधनों पर सुक्खू सरकार के बड़े फैसले, कानूनी लड़ाई से मिले अधिकार: राजेश धर्माणी

Published:

बीबीएमबी से 11,973 मिलियन यूनिट बिजली मिलने का दावा, वाइल्ड फ्लावर हॉल से राजस्व हिस्सेदारी और कड़छम-वांगतू में बढ़ी रॉयल्टी; किशाऊ परियोजना में भी 800 करोड़ की संभावित राहत

हिमाचल प्रदेश के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मामलों को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से किए गए प्रयासों पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने अपनी बात रखी है।

बिलासपुर में 7 नवंबर को उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रभावी कानूनी पैरवी, अंतरराज्यीय संवाद और रणनीतिक फैसलों के माध्यम से हिमाचल के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

राजेश धर्माणी के अनुसार, इन प्रयासों से प्रदेश को लंबे समय से लंबित अधिकार मिलने के साथ आय के नए स्रोत विकसित करने के अवसर भी मिले हैं। उन्होंने बीबीएमबी बिजली हिस्सेदारी, वाइल्ड फ्लावर हॉल संपत्ति विवाद, कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना और किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना से जुड़े मामलों का उल्लेख किया।

बीबीएमबी से 11,973 मिलियन यूनिट बिजली मिलने का दावा

मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश की 7.19 प्रतिशत बिजली हिस्सेदारी के बकाये को लेकर दशकों से विवाद चल रहा था। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने 6 नवंबर 2026 को फैसला सुनाते हुए पंजाब और हरियाणा को अगले 20 वर्षों में हिमाचल प्रदेश को 11,973 मिलियन यूनिट बिजली उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।

इसके तहत प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 598 मिलियन यूनिट बिजली मिलेगी। न्यायालय ने 420.77 करोड़ रुपये की पूंजीगत लागत संबंधी देनदारी को भी बिजली बकाये से समायोजित करने का निर्देश दिया है। धर्माणी ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश को अतिरिक्त बिजली के उपयोग और बिक्री के माध्यम से राजस्व अर्जित करने का अवसर मिलेगा।

वाइल्ड फ्लावर हॉल से मिलेगी 47.1 प्रतिशत राजस्व हिस्सेदारी

राजेश धर्माणी ने वाइल्ड फ्लावर हॉल संपत्ति विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 31 मार्च 2025 को होटल का कब्जा राज्य सरकार को वापस मिला। अब इसके 35 वर्षों के संचालन के लिए 47.1 प्रतिशत वार्षिक सकल राजस्व हिस्सेदारी की व्यवस्था की गई है। इससे प्रदेश को लंबे समय तक आय प्राप्त होगी।

कड़छम-वांगतू परियोजना में रॉयल्टी 12 से 18 प्रतिशत

मंत्री ने कहा कि कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना में प्रदेश सरकार की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप रॉयल्टी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे हिमाचल को लगभग 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वार्षिक आय होने का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि अन्य पात्र जलविद्युत परियोजनाओं में भी रॉयल्टी बढ़ने से प्रदेश के राजस्व में वृद्धि की संभावनाएं हैं।

किशाऊ परियोजना में 800 करोड़ की संभावित राहत

राजेश धर्माणी ने किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतरराज्यीय बातचीत और रणनीतिक प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के वित्तीय हितों को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

परियोजना के जल घटक की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार की ओर से वहन किए जाने और बिजली घटक में हिमाचल के हिस्से की लागत को लेकर अन्य राज्यों के साथ बनी सहमति से प्रदेश पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय बोझ में लगभग 800 करोड़ रुपये की राहत का अनुमान है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्यों के लिए मिलेंगे अतिरिक्त संसाधन

मंत्री ने कहा कि इन निर्णयों का लाभ केवल सरकारी खजाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अतिरिक्त बिजली मिलने से ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और बिजली की बिक्री से आय अर्जित करने में मदद मिलेगी।

वहीं, जलविद्युत परियोजनाओं में बढ़ी हुई रॉयल्टी और सरकारी संपत्तियों से मिलने वाली राजस्व हिस्सेदारी से राज्य की नियमित आय बढ़ने की संभावनाएं हैं। इससे स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं पर अधिक संसाधन खर्च किए जा सकेंगे।

धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हिमाचल के प्राकृतिक संसाधनों का उचित मूल्य मिले और उनसे अर्जित होने वाली आय का लाभ राज्य की अर्थव्यवस्था तथा आम जनता तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि हिमाचल की संपदा और अधिकारों की रक्षा के साथ प्रदेश की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।

follow us on facebook
subscribe to us on youtube

इस खबर के विषय

संबंधित खबरें

बीबीएमबी एरियर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिमाचल को बड़ी राहत, 20 साल में मिलेगी 11,973 मिलियन यूनिट बिजली: नरेश चौहान

बीबीएमबी एरियर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिमाचल को बड़ी राहत, 20 साल में मिलेगी 11,973 मिलियन यूनिट बिजली: नरेश चौहान

बीबीएमबी के लंबित बिजली एरियर मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हिमाचल के लिए बड़ी जीत बताते हुए मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने अगले 20 वर्षों...

पूरा पढ़ें (Read More) →
हमीरपुर के सम्मू गांव में नहीं मनाई जाती दिवाली, सात पीढ़ियों तक त्योहार न मनाने का है श्राप

हमीरपुर के सम्मू गांव में नहीं मनाई जाती दिवाली, सात पीढ़ियों तक त्योहार न मनाने का है श्राप

देशभर में दिवाली की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के सम्मू गांव में इस त्योहार को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखता। ग्रामीणों के अनुस...

पूरा पढ़ें (Read More) →
बीबीएमबी फैसले का श्रेय लेने की होड़ बंद करे सुक्खू सरकार, 300 यूनिट बिजली की गारंटी पूरी करे: जयराम ठाकुर

बीबीएमबी फैसले का श्रेय लेने की होड़ बंद करे सुक्खू सरकार, 300 यूनिट बिजली की गारंटी पूरी करे: जयराम ठाकुर

बीबीएमबी बिजली हिस्सेदारी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हिमाचल में सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर फै...

पूरा पढ़ें (Read More) →
पहाड़ों में आज होगा पारंपरिक आग के खेल ‘हुशू’ का समापन, आधुनिकता के दौर में विलुप्त होने की कगार पर अनूठी लोक परंपरा

पहाड़ों में आज होगा पारंपरिक आग के खेल ‘हुशू’ का समापन, आधुनिकता के दौर में विलुप्त होने की कगार पर अनूठी लोक परंपरा

हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में सदियों से चली आ रही पारंपरिक लोक परंपरा ‘हुशू’ का आयोजन आज संपन्न होगा। दुर्गा अष्टमी की रात से शुरू होकर दीपावली से एक दिन पह...

पूरा पढ़ें (Read More) →
हिमाचल के सरकारी स्कूलों को मिलेंगे 1,200 नए जेबीटी शिक्षक, CM की मंजूरी के लिए भेजी फाइल

हिमाचल के सरकारी स्कूलों को मिलेंगे 1,200 नए जेबीटी शिक्षक, CM की मंजूरी के लिए भेजी फाइल

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जल्द ही 1,200 नए जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति होगी। शिक्षा विभाग ने नियुक्तियों की अंतिम मंजूरी के लिए फाइल मुख्यमंत्री को...

पूरा पढ़ें (Read More) →

इससे पहले और बाद की खबरें