पीडीएनए के तहत 2,006.40 करोड़ रुपये की पुनर्निर्माण योजना का दिया हवाला, कांग्रेस नेताओं पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का लगाया आरोप
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सुलह से विधायक विपिन सिंह परमार ने पीडीएनए के तहत हिमाचल प्रदेश को मिली आर्थिक सहायता को लेकर कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी पर पलटवार किया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से मिली आर्थिक सहायता के लिए प्रदेश की जनता को धन्यवाद और आभार व्यक्त करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस नेता सहयोग को स्वीकार करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं।
परमार ने कहा कि आपदा जैसे गंभीर विषय पर राजनीति करने के बजाय कृतज्ञता और जवाबदेही जरूरी है।
परमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सड़कों, पुलों सहित आधारभूत संरचनाओं के पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। उन्होंने सुलह कांग्रेस के नेता को सलाह दी कि आंकड़ों पर बयान देने से पहले भारत सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों का अध्ययन करें।
पीडीएनए के तहत 2,006.40 करोड़ रुपये की योजना का दिया हवाला
विपिन परमार ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से 18 जून, 2025 को जारी जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा के बाद हिमाचल प्रदेश के पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए 2,006.40 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई थी।
इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 1,504.80 करोड़ रुपये है। इस सहायता की पहली किस्त के रूप में 451.44 करोड़ रुपये 7 जुलाई, 2025 को प्रदेश को जारी किए गए थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 सितंबर, 2025 को हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर 1,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता की घोषणा भी की थी।
इसके अलावा आपदा प्रभावितों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय राजमार्गों के पुनर्निर्माण, विद्यालयों की बहाली, कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र को सहायता और एसडीआरएफ की अगली किस्त अग्रिम रूप से जारी करने जैसे कदमों का आश्वासन दिया गया था।
परमार ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत राशि, केंद्र सरकार के हिस्से और वास्तव में जारी की गई किस्त के बीच अंतर समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रक्रिया की जानकारी के बिना आंकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश करना जनता को गुमराह करने जैसा है।
दस गारंटियों पर भी कांग्रेस से मांगा जवाब
भाजपा विधायक ने कांग्रेस सरकार पर चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस कभी केंद्र सरकार, कभी पूर्ववर्ती भाजपा सरकार और कभी परिस्थितियों को अपनी विफलताओं के लिए जिम्मेदार ठहराती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों से सवाल किया कि चुनाव के समय किए गए वादों में से कितने धरातल पर उतरे हैं, कितने युवाओं को रोजगार मिला और कितनी महिलाओं को घोषित आर्थिक सहायता का लाभ मिला। साथ ही प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए ठोस कदमों का हिसाब भी मांगा।
आपदा प्रभावितों के मुद्दे पर राजनीति न करने की नसीहत
परमार ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों के लिए बयानबाजी करना आसान है, लेकिन उनके घरों का पुनर्निर्माण, क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की बहाली तथा आजीविका को पटरी पर लाना वास्तविक जिम्मेदारी है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से पूछा कि प्रदेश सरकार ने अपने स्तर पर आपदा प्रभावितों के लिए कितने संसाधन जुटाए और पुनर्निर्माण कार्यों में कितनी तेजी लाई।
उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाली सहायता को खैरात बताने के बजाय उसके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए। प्रदेश की जनता को बयानबाजी नहीं, बल्कि जवाबदेह सरकार और धरातल पर विकास चाहिए।
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