सरकारी अस्पतालों में जांच और ऑपरेशन सुविधाएं प्रभावित होने का आरोप, 108 एम्बुलेंस सेवा और हिमकेयर के लंबित भुगतान पर भी सरकार को घेरा
भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू एक ओर आत्मनिर्भर हिमाचल के दावे कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सामान्य जांच से लेकर गंभीर बीमारियों के उपचार तक के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राकेश जम्वाल ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में लैब टेस्ट की सुविधाएं प्रभावित होने के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को निजी लैब में महंगे दामों पर जांच करवानी पड़ रही है।
उन्होंने इसका कारण लैब संचालकों के करोड़ों रुपये के भुगतान लंबित होना बताया। उनके अनुसार, हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजनाओं के तहत अस्पतालों को मिलने वाले भुगतान में देरी से उपचार व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
ऑपरेशन की संख्या घटने पर जताई चिंता
जम्वाल ने सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन की संख्या घटकर एक चौथाई रह जाने के आरोपों को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि ऑर्थोपेडिक्स सहित कई विभागों के करोड़ों रुपये के भुगतान अटके होने की बात सामने आ रही है।
उनका कहना था कि अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं मिलने का असर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ रहा है और इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब परिवारों को उठाना पड़ रहा है।
108 एम्बुलेंस सेवा पर भी उठाए सवाल
भाजपा विधायक ने 108 एम्बुलेंस सेवा की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर, 2010 को शुरू हुई अटल स्वास्थ्य सेवा 108 ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई थी।
लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एम्बुलेंस संचालन से जुड़े भुगतान लंबित होने के कारण सेवा प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर मरीजों को एम्बुलेंस के लिए दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ता है।
दवाइयों और स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा
राकेश जम्वाल ने कहा कि अस्पतालों में जरूरी दवाइयों, जांच सुविधाओं, ऑपरेशन और आपातकालीन सेवाओं को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। हिमकेयर और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ लेने वाले मरीजों को भी भुगतान संबंधी समस्याओं के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता को भाषणों और नारों के बजाय अस्पतालों में डॉक्टर, दवाइयां, जांच और समय पर उपचार की जरूरत है। जम्वाल ने सरकार से अस्पतालों और लैब संचालकों के लंबित भुगतान तत्काल जारी करने, हिमकेयर एवं आयुष्मान भारत के तहत उपचार व्यवस्था सुचारू करने और 108 एम्बुलेंस सेवा को पूरी क्षमता से संचालित करने की मांग की।
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