हिमाचल में हिमकेयर योजना का बदलेगा स्वरूप, 10 लाख परिवारों को मिलेगा 10 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर

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आदित्य बिरला इंश्योरेंस कंपनी टेंडर में एल-वन घोषित, पुराने कार्ड की वैधता खत्म होने के बाद बनवाने होंगे नए कार्ड; प्रीमियम और पंजीकरण के नियमों पर सरकार के दिशा-निर्देशों का इंतजार

हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना का स्वरूप बदलने की तैयारी पूरी हो रही है। प्रदेश सरकार मौजूदा व्यवस्था की जगह नया स्वास्थ्य बीमा मॉडल लागू करने जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत करीब 10 लाख परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना के संचालन की जिम्मेदारी देने के लिए आदित्य बिरला इंश्योरेंस कंपनी को टेंडर प्रक्रिया में एल-वन घोषित किया गया है। ऐसे में आने वाले समय में हिमकेयर कार्ड धारकों को नए कार्ड बनवाने पड़ सकते हैं।

आदित्य बिरला इंश्योरेंस कंपनी एल-वन घोषित

नई स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए सरकार ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसमें कुल आठ बीमा कंपनियों ने हिस्सा लिया था। इनमें आदित्य बिरला इंश्योरेंस कंपनी ने सबसे कम मूल्य की बोली लगाई, जिसके चलते उसे एल-वन घोषित किया गया है। अब कंपनी को योजना की जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।

पुराने हिमकेयर कार्ड की वैधता खत्म होने पर बनवाना होगा नया कार्ड

नई योजना लागू होने के बाद पुराने हिमकेयर कार्ड हमेशा के लिए मान्य नहीं रहेंगे। जिन लाभार्थियों के कार्ड की वैधता अभी बाकी है, उन्हें निर्धारित अवधि तक पुरानी व्यवस्था का लाभ मिलता रहेगा। कार्ड की वैधता समाप्त होने के बाद लाभार्थियों को नई स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत दोबारा कार्ड बनवाना होगा।

हालांकि, नए कार्ड के लिए पंजीकरण प्रक्रिया क्या होगी, ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलेगी या नहीं और कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे, इस संबंध में सरकार के विस्तृत दिशा-निर्देश आने बाकी हैं।

हर परिवार पर 4200 रुपये खर्च करेगी सरकार

प्रस्तावित योजना में सरकार बीमा कंपनी को प्रत्येक परिवार के लिए सालाना 4200 रुपये का भुगतान करेगी। करीब 10 लाख परिवारों को योजना से जोड़ने के लक्ष्य के अनुसार सरकार का सालाना खर्च लगभग 420 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।

इसके साथ ही आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों से भी प्रीमियम लेने का प्रस्ताव विचाराधीन है। इसके लिए परिवारों की आर्थिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां बनाई जा सकती हैं। हालांकि, किस श्रेणी के परिवार को कितना प्रीमियम देना होगा, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

5 लाख बेसिक और 5 लाख रुपये का टॉपअप कवर

नई स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था के प्रस्तावित मॉडल में 5 लाख रुपये का बेसिक स्वास्थ्य बीमा और 5 लाख रुपये का अतिरिक्त टॉपअप कवर शामिल है। इस तरह परिवारों को कुल 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवर मिल सकता है।

इसका उद्देश्य गंभीर बीमारी, ऑपरेशन और अस्पताल में भर्ती होने जैसी परिस्थितियों में परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। हालांकि, बीमा कवर का लाभ नई पॉलिसी में निर्धारित शर्तों, बीमारियों की पात्रता, अस्पतालों के नेटवर्क और क्लेम के नियमों के अनुसार मिलेगा।

सरकारी अस्पतालों के साथ कुछ निजी अस्पताल भी होंगे शामिल

नई योजना में सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली उपचार सुविधाओं को शामिल करने की तैयारी है। इसके अलावा डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करवाने वाले कुछ निजी अस्पतालों को भी योजना के दायरे में रखने की बात सामने आई है। अन्य निजी अस्पतालों को शामिल करने के संबंध में अंतिम सूची और नियम जारी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

लाभार्थियों को नई योजना लागू होने के बाद अस्पतालों की अधिकृत सूची जांचनी होगी, क्योंकि बीमा कवर होने का मतलब यह नहीं है कि हर अस्पताल में इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।

हिमकेयर की जगह नई बीमा व्यवस्था क्यों?

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में हिमकेयर योजना की जगह नई स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था शुरू करने की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने नए मॉडल को तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की।

सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। नई व्यवस्था में बीमा कंपनी पॉलिसी संचालन, अस्पतालों में उपचार और क्लेम से जुड़ी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

शिकायतों के समाधान के लिए बनेंगे केंद्र

नई योजना में लाभार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत निवारण केंद्र स्थापित करने की भी तैयारी है। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार के अनुसार, सरकार चाहती है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को इलाज और बीमा संबंधी कार्यों में परेशानी न हो।

इन केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य कार्ड, पॉलिसी की जानकारी, अस्पताल में उपचार नहीं मिलने और बीमा क्लेम से जुड़ी शिकायतें उठाई जा सकेंगी।

हिमकेयर कार्ड धारक अभी क्या करें?

कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना को नए स्वास्थ्य बीमा मॉडल में बदलने की तैयारी है। प्रस्तावित व्यवस्था में 10 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवर देने का लक्ष्य है। हालांकि, नए कार्ड, लाभार्थियों के प्रीमियम और अस्पतालों से जुड़े अंतिम नियम सरकार के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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