प्रो. राम कुमार ने PMGSY के शिलान्यास-उद्घाटन कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल उल्लंघन का मुद्दा उठाया, परियोजना के लिए जारी धनराशि के इस्तेमाल पर भी सवाल
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में हरोली भाजपा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर विकास कार्यों में राजनीतिक भेदभाव करने और केंद्र सरकार की योजनाओं के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं।
भाजपा नेता एवं पूर्व प्रदेश भाजपा महामंत्री प्रो. राम कुमार ने सोमवार को जिला मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत होने वाले शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रमों में स्थानीय सांसद को आमंत्रित नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने इसे निर्धारित प्रोटोकॉल का उल्लंघन करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने हरोली के प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क की प्रगति और इसके लिए जारी धनराशि के इस्तेमाल पर भी सवाल खड़े किए।
PMGSY के कार्यक्रमों में सांसद को निमंत्रण न देने का आरोप
प्रो. राम कुमार ने कहा कि हरोली और ऊना विधानसभा क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों के शिलान्यास और उद्घाटन समारोहों में स्थानीय लोकसभा सांसद को आमंत्रित नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिलान्यास और उद्घाटन की पट्टिकाओं पर भी सांसद का नाम दर्ज नहीं किया जा रहा। उनके अनुसार, PMGSY की गाइडलाइंस के तहत ऐसे कार्यक्रमों में स्थानीय सांसद को आमंत्रित करना अनिवार्य है।
उन्होंने 26 अक्टूबर को हरोली विधानसभा क्षेत्र में चन्द्रपुर खड्ड पर बने 60 मीटर लंबे पुल के उद्घाटन का उदाहरण दिया। प्रो. राम कुमार ने आरोप लगाया कि सांसद को न तो पुल के शिलान्यास के समय बुलाया गया और न ही उद्घाटन समारोह में आमंत्रित किया गया। उद्घाटन पट्टिका पर भी उनका नाम दर्ज नहीं था।
इसी तरह उन्होंने चिंतपूर्णी में 15 करोड़ रुपये की सड़कों के शिलान्यास कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी सूचना सांसद को कार्यक्रम वाले दिन सुबह 11 बजे भेजी गई, जबकि कार्यक्रम शाम चार बजे निर्धारित था। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार के समक्ष उठाएगी।
बल्क ड्रग पार्क की प्रगति और धनराशि के इस्तेमाल पर सवाल
प्रेसवार्ता में प्रो. राम कुमार ने हरोली में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क को लेकर भी प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
उन्होंने दावा किया कि पार्क के नाम पर आए करीब 11 से 12 करोड़ रुपये तालाबों के सौंदर्यीकरण पर खर्च कर दिए गए हैं। उन्होंने परियोजना की टेंडर प्रक्रिया में देरी और बार-बार आ रही रुकावटों पर भी सवाल उठाए।
प्रो. राम कुमार के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी-फरवरी 2023 में ही परियोजना के लिए धनराशि जारी कर दी थी, लेकिन प्रदेश सरकार अब तक खर्च का पूरा हिसाब नहीं दे पाई है।
उन्होंने कहा कि 12 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बल्क ड्रग पार्क का शिलान्यास किया था। इसके बाद साइट से प्रधानमंत्री की शिलान्यास पट्टिका हटा दी गई और दो साल बाद वहां नई पट्टिकाएं लगा दी गईं।
प्रो. राम कुमार ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भाजपा केंद्र सरकार से जारी धनराशि के इस्तेमाल और बल्क ड्रग पार्क की मौजूदा स्थिति का मामला गंभीरता से उठाएगी।
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