दिल्ली, चंडीगढ़ और बद्दी से घर लौटने वालों को मिलेगी सुविधा, दिवाली पर सुरक्षा के लिए पुलिस और अग्निशमन विभाग अलर्ट; संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहेंगी दमकल गाड़ियां
दिवाली के त्योहार पर घर लौटने वाले लोगों की सुविधा के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने विशेष बस व्यवस्था की है। शनिवार को दिल्ली, चंडीगढ़ और बद्दी से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए 132 अतिरिक्त बसें संचालित की जाएंगी।
इनमें दिल्ली से 49, चंडीगढ़ से 63 और बद्दी से 20 बसें शामिल हैं। इससे पहले 6 नवंबर को भी इन तीनों स्थानों से प्रदेश के लिए 134 अतिरिक्त बस सेवाएं चलाई जा रही हैं। इनमें दिल्ली से 42, चंडीगढ़ से 69 और बद्दी से 23 बसें शामिल हैं।
निगम ने यात्रियों की संख्या को देखते हुए ऑन डिमांड बसें चलाने का भी फैसला लिया है। जिन रूटों पर 35 से अधिक सवारियां होंगी, वहां HRTC की ओर से अतिरिक्त बस भेजी जाएगी। इससे त्योहार के दौरान यात्रियों को घर पहुंचने में सुविधा मिलेगी और बसों में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
8 नवंबर शाम 5 बजे से बंद रहेंगी स्थानीय बस सेवाएं
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि दिवाली के दिन 8 नवंबर को शाम 5 बजे से 9 नवंबर सुबह 8 बजे तक HRTC की सभी स्थानीय बस सेवाएं बंद रहेंगी। इस दौरान प्रदेश के भीतर लोकल रूटों पर बसों का संचालन नहीं होगा। हालांकि, यात्रियों की सुविधा और मांग को देखते हुए 8 नवंबर शाम 5 बजे से लंबी दूरी के महत्वपूर्ण रूटों पर विशेष बस सेवाएं चलाई जाएंगी।
निगम दिल्ली से शिमला, धर्मशाला, कुल्लू, मंडी और चंबा सहित प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के लिए बसें संचालित करेगा। इन विशेष सेवाओं से दिवाली के दौरान लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। HRTC ने त्योहार के दौरान यात्रियों की आवाजाही और अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह बस शेड्यूल तैयार किया है।
दिवाली पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और अग्निशमन विभाग अलर्ट
दिवाली के दौरान प्रदेशभर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए हिमाचल पुलिस और अग्निशमन सेवाओं को अलर्ट कर दिया गया है। डीजीपी अशोक तिवारी ने त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और घटना रहित बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।
डीजीपी ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को सतर्कता बढ़ाने, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, यातायात व्यवस्था सुचारू रखने और एहतियाती कदम उठाने को कहा है। इसके अलावा महानिदेशक होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाओं को भी प्रदेशभर में विशेष अग्नि सुरक्षा तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहेंगी दमकल गाड़ियां
आगजनी की आशंका वाले स्थानों की पहले से पहचान कर वहां विशेष प्रबंध किए जाएंगे। भीड़भाड़ वाले बाजारों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास दमकल गाड़ियों और क्विक रिस्पांस वाहनों को रणनीतिक तरीके से तैनात किया जाएगा।
शाम के व्यस्त समय में प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। सभी अग्निशमन केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उपकरणों को चालू हालत में रखने, पर्याप्त कर्मचारियों, पानी के भंडार और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था करने को कहा गया है।
112 इमरजेंसी सेवा के साथ बेहतर समन्वय के निर्देश
अग्निशमन नियंत्रण कक्षों को मजबूत करने के साथ इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS)-112, पुलिस नियंत्रण कक्ष, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
संवेदनशील स्थानों पर निरीक्षण करने, पटाखों और बिजली की सजावट को लेकर लोगों को जागरूक करने तथा आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ते खुले रखने पर भी जोर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को सुरक्षा तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करनी होगी।
डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि सुरक्षा तैयारियों की सफलता केवल आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने से नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने से भी तय होगी। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में छोटी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम ला सकती है।
उन्होंने नागरिकों, व्यापारियों और बाजार संगठनों से सावधानी बरतने, सुरक्षा नियमों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 112 पर सूचना देने की अपील की है।
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