हिमाचल प्रदेश राज्य वन निगम कर्मचारी महासंघ ने नई कार्यकारिणी का गठन करते हुए बाबूराम को अध्यक्ष और प्रीतम पाल ठाकुर को चेयरमैन चुना है। राजधानी शिमला के कसुम्पटी स्थित एसडीए कॉम्प्लेक्स में आयोजित बैठक में संगठन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से चेयरमैन और कानूनी सलाहकार के नए पद भी सृजित किए गए। हरीश ठाकुर को महासंघ का कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया।
नई कार्यकारिणी में काहन चंद को उपाध्यक्ष, विक्रांत कदशोली को महासचिव, सौरव सिंह को संयुक्त सचिव, अर्जुन भकियांन को संगठन सचिव और विकास शर्मा को कोषाध्यक्ष बनाया गया।
इसके अलावा क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए दक्षिण क्षेत्र से जगत राम, उत्तरी क्षेत्र से हरभजन सिंह, सेंट्रल जोन से राजेंद्र कटवाल तथा आरएनटी फैक्ट्री नाहन से प्रदीप नेगी और आरएनटी फैक्ट्री बिलासपुर से श्यामलाल को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। नवनियुक्त अध्यक्ष बाबूराम और चेयरमैन प्रीतम पाल ठाकुर ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, वन निगम में कर्मचारियों की भारी कमी को दूर करना और रिक्त पदों पर जल्द भर्ती कराना संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
उन्होंने बताया कि वन निगम में फॉरेस्ट गार्ड के 425 स्वीकृत पदों के मुकाबले वर्तमान में केवल 74 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। वर्ष 2027 में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने से स्थिति और गंभीर हो सकती है।
महासंघ ने निर्णय लिया कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री तथा वन निगम के उपाध्यक्ष से मुलाकात की जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और निगम प्रबंधन ने मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने पर भी विचार किया जाएगा।