मंडी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का मन तो बना लिया है, लेकिन उनका कहना है कि यह फैसला अभी अंतिम नहीं है।
हरियाणा स्थित संत रामपाल के आश्रम में राजनीति से रिटायरमेंट की बात कहने वाला उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। हाल ही में कौल सिंह ठाकुर संत रामपाल के आश्रम पहुंचे थे।
मुलाकात के दौरान उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए बताया कि वह आठ बार विधायक, चार बार कैबिनेट मंत्री और दो बार हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं।
इसके बाद उन्होंने कहा कि अब राजनीति में नए और युवाओं को आगे आने का मौका मिलना चाहिए और इसलिए उन्होंने सक्रिय राजनीति से रिटायरमेंट लेने का मन बनाया है। आश्रम में संत रामपाल ने उन्हें आध्यात्म और भक्ति की राह अपनाने तथा दीक्षा लेने की सलाह दी।
इस दौरान कौल सिंह ने संत रामपाल के प्रति अपनी आस्था भी व्यक्त की और उन्हें शिमला आने का निमंत्रण दिया।हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद कौल सिंह ठाकुर ने देवभूमि न्यूज़ टाइम्स के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में स्पष्ट किया कि राजनीति से संन्यास का फैसला अभी अंतिम नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर नवंबर में होने वाले द्रंग कांग्रेस सम्मेलन में कार्यकर्ताओं की राय ली जाएगी। इसके बाद इस विषय को कांग्रेस हाईकमान के समक्ष रखा जाएगा और जो निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा, वही अंतिम होगा।ऐसे में साफ है कि कौल सिंह ठाकुर ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का मन तो बना लिया है,
लेकिन इस पर अंतिम मुहर अभी लगनी बाकी है। नवंबर में होने वाला द्रंग कांग्रेस सम्मेलन और कांग्रेस हाईकमान का रुख उनके राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेगा।