शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में शिमला सचिवालय में होगी समीक्षा बैठक, रिक्त पद भरने और स्कूल भवनों की मरम्मत पर भी रहेगा फोकस
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को शिमला स्थित राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित होगी।
बैठक की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर करेंगे। इसमें शिक्षकों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों की 14 सूत्रीय मांगों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है।
युक्तीकरण और रिक्त पद भरने पर रहेगा फोकस
बैठक में दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षकों के पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने पर विचार किया जाएगा।
इसके साथ ही विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार शिक्षकों के युक्तीकरण (Rationalization), शहरी क्षेत्रों में अतिरिक्त शिक्षकों और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए पारदर्शी नीति तैयार करने पर भी चर्चा होगी।
बैठक के एजेंडे में टीजीटी (TGT), पीजीटी (PGT) और सीएंडवी (C&V) संवर्ग के शिक्षकों की लंबित पदोन्नतियों का मामला भी शामिल है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को इस बैठक से बड़ी उम्मीदें हैं।
हालिया मानसून के दौरान प्रदेश के कई सरकारी स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई भवनों को असुरक्षित भी घोषित किया जा चुका है।
ऐसे में बैठक में क्षतिग्रस्त स्कूलों के पुनर्निर्माण, मरम्मत और राहत बजट जारी करने के प्रस्ताव पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक असर
प्रदेश में हजारों शिक्षकों के पद खाली होने के कारण विशेष रूप से ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। यही मुद्दा हाल ही में विधानसभा के मानसून सत्र में भी प्रमुखता से उठाया गया था।
अब शिक्षा विभाग की इस उच्चस्तरीय बैठक से उम्मीद की जा रही है कि शिक्षकों की मांगों, पदोन्नतियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई लंबित मामलों पर ठोस फैसले लिए जाएंगे।
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