हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) ने बसों में बिना टिकट यात्रा और टिकट जारी करने में होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत टिकटिंग में गड़बड़ी करने वाले परिचालकों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, जबकि सही शिकायत करने वाले यात्रियों को टिकट राशि का पांच गुना इनाम दिया जाएगा।
गड़बड़ी करने वाले परिचालकों पर होगी सख्त कार्रवाई
नई एसओपी के अनुसार यदि कोई परिचालक टिकट जारी नहीं करता, कम राशि का टिकट देता है, टिकट दोबारा जारी (री-इश्यू) करता है, गलत पंचिंग करता है या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नियमित कर्मचारियों पर सीसीएस (सीसीए) नियमों के तहत चार्जशीट, निलंबन और विभागीय जांच की जा सकती है।
अनुबंध परिचालकों के मामलों में जांच के बाद सेवा समाप्त करने तक की कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।
बार-बार गड़बड़ी करने वाले परिचालकों के खिलाफ और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
हर यात्री को वैध टिकट देना होगा अनिवार्य
एसओपी में परिचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक यात्री को निर्धारित किराए के अनुसार वैध टिकट जारी किया जाए।
यदि किसी बच्चे की आयु को लेकर संदेह हो, तो निगम के राजस्व हितों को ध्यान में रखते हुए अधिक किराए वाला टिकट जारी करने का प्रावधान भी रखा गया है।
कार्रवाई तय करते समय किराए की राशि, बस में यात्रियों की संख्या और परिचालक के पूर्व सेवा रिकॉर्ड को भी ध्यान में रखा जाएगा।
सही शिकायत करने वाले यात्री को मिलेगा 5 गुना इनाम
नई व्यवस्था में यात्रियों को भी टिकटिंग व्यवस्था की निगरानी में भागीदार बनाया गया है।
यदि कोई यात्री बिना टिकट यात्रा की शिकायत हेल्पलाइन 1100 या अन्य अधिकृत माध्यम से करता है और जांच में शिकायत सही पाई जाती है, तो उसे जारी न किए गए टिकट की राशि का पांच गुना पुरस्कार दिया जाएगा।
बिना टिकट यात्रा पर 500 रुपये जुर्माना
एसओपी के तहत बिना वैध टिकट यात्रा करते पाए जाने वाले यात्रियों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
एचआरटीसी का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से टिकटिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, राजस्व की हानि रुकेगी और बसों में अनुशासन भी बेहतर होगा।
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