सिरमौर।
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल पर सेस, बिजली की बढ़ती कीमतों और एंट्री टैक्स को लेकर सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन में मीडिया से रूबरू होते हुए सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने घोषणा की कि यदि सरकार ने जनविरोधी फैसले वापस नहीं लिए, तो 8 अप्रैल से भाजपा प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में विशाल 'आक्रोश प्रदर्शन' शुरू करेगी।
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार आम जनता पर आर्थिक बोझ लादने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। उन्होंने सरकार के हालिया कदमों की कड़ी आलोचना की सरकार पेट्रोल और डीजल पर ₹5 अतिरिक्त सेस लगाने की तैयारी में है, जिससे माल ढुलाई और आवाजाही महंगी होगी।
सिरमौर जैसे सीमावर्ती जिलों में, जहाँ हरियाणा से रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना होता है, वहां एंट्री टैक्स बढ़ाकर जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है। लगातार बढ़ती बिजली की कीमतों ने घरेलू बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
बिंदल ने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा कि जहाँ केंद्र की मोदी सरकार हिमाचल के विकास के लिए खजाना खोल रही है, वहीं प्रदेश सरकार उस धन का दुरुपयोग कर रही है।
डॉ. बिंदल ने बताया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को इस योजना के तहत 3,920 करोड़ रुपए की भारी-भरकम वित्तीय सहायता जारी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केंद्रीय सहायता और जनता से वसूले गए टैक्स का इस्तेमाल जनहित के बजाय अपने 'मित्रों' को लाभ पहुँचाने के लिए कर रही है। डॉ. राजीव बिंदल ने स्पष्ट किया कि भाजपा अब सड़कों पर उतरकर सरकार की ईंट से ईंट बजाएगी।
सुक्खू सरकार ने यदि एंट्री टैक्स, डीजल-पेट्रोल पर सेस और बिजली के बढ़े दाम वापस नहीं लिए, तो 8 अप्रैल से प्रदेश का कोना-कोना आक्रोश प्रदर्शनों से गूंजेगा। हम जनता पर इस तरह का अनावश्यक आर्थिक बोझ बर्दाश्त नहीं करेंगे। — डॉ. राजीव बिंदल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
भाजपा के इस कड़े रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी बढ़ने वाली है। अब सबकी नजरें 8 अप्रैल को होने वाले प्रदर्शनों और सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।