बाबा बालकनाथ मंदिर से लौट रही थी बस, तीन गंभीर घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया; प्रशासन ने दी फौरी राहत
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर और बिलासपुर जिले की सीमा पर स्थित दियोटसिद्ध-शाहतलाई मार्ग पर रविवार रात श्रद्धालुओं से भरी एक निजी बस हादसे का शिकार हो गई। हादसे में अमृतसर (पंजाब) के दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि बस में सवार श्रद्धालु बाबा बालकनाथ मंदिर के दर्शन कर वापस अमृतसर लौट रहे थे। अचानक बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।
बस में सवार थे 35 श्रद्धालु
हादसे के समय बस में कुल 35 श्रद्धालु सवार थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों, टैक्सी चालकों, पुलिस और प्रशासन की टीमों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में घायल 13 श्रद्धालुओं में से दो की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है।
उपचार के दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 24 वर्षीय हितेश कुमार और 15 वर्षीय काव्य, दोनों निवासी अमृतसर (पंजाब) के रूप में हुई है।
गंभीर रूप से घायल विनायक (16) को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। वहीं शिबा (20) और रोहित कुमार (30) को बेहतर उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर भेजा गया है।
बड़सर अस्पताल में चल रहा घायलों का इलाज
सिविल अस्पताल बड़सर में उपचाराधीन घायलों में दर्पण (19), रेनू (35), भाग सिंह (35), सुखविंदर सिंह (47), लवदीप (18), काजल (21), गुरकीरत सिंह (19), गुरदीप सिंह (70), जसवीर कौर (40) और युवराज (16) शामिल हैं।
अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाकर यातायात बहाल किया गया।
पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
हादसे के बाद प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों और घायलों को कुल 1,08,500 रुपये की फौरी राहत वितरित की गई।
मृतक हितेश कुमार और काव्य के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की राहत राशि दी गई। वहीं अन्य घायलों को उनकी चोटों की गंभीरता के आधार पर नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
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