चार दिन से जारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, सड़कें बंद और जलभराव से परेशान लोग; 31 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में लगातार चार दिनों से हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के कारण जहां यातायात प्रभावित हुआ है, वहीं शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।
देर शाम चौड़ा मैदान के पास एक चलती कार पर पेड़ गिर गया। राहत की बात रही कि वाहन में सवार लोगों को गंभीर चोटें नहीं आईं।
चक्कर-बाइफरकेशन मार्ग पर मलबा गिरने से यातायात बाधित
भारी बारिश के कारण चक्कर-बाइफरकेशन मार्ग पर पहाड़ी से मलबा आने से यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सड़क पर आए मलबे को हटाने का काम शुरू किया।
प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित यात्रा करने की अपील की है।
31 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अभी बारिश से राहत मिलने के आसार कम हैं। 31 जुलाई तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
टुटू बाजार में दुकानों में घुसा पानी
शिमला के टुटू बाजार में भारी बारिश के चलते कारोबार प्रभावित हुआ। तेज बारिश के कारण नालियां जाम हो गईं, जिससे बाजार की सड़कों पर जलभराव हो गया।
कई दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को सामान बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। अचानक पानी भरने से बाजार में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पानी के तेज बहाव में बहे खाली गैस सिलिंडर
व्यापारियों के अनुसार हर बार भारी बारिश के दौरान टुटू बाजार में जलभराव की समस्या सामने आती है। नालियों में कूड़ा और मलबा जमा होने से पानी की निकासी बाधित हो जाती है और सड़कें तालाब में बदल जाती हैं।
जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। पानी के तेज बहाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सड़क किनारे रखे कुछ खाली गैस सिलिंडर भी बह गए।
व्यापारियों ने जल निकासी व्यवस्था सुधारने की उठाई मांग
टुटू बाजार के कारोबारियों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात से पहले और दौरान नालियों की नियमित सफाई करवाई जाए तथा जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली बारिश में दुकानों और बाजार को फिर नुकसान झेलना पड़ सकता है।
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