पुलियों और जल निकासी मार्गों की सफाई न होने का आरोप, पंचायत समिति सदस्य के नेतृत्व में प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
बरसात का मौसम शुरू होते ही जिला मुख्यालय से सटे जनकौर और पेखूबेला गांवों में जलभराव की पुरानी समस्या एक बार फिर सामने आ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क किनारे बनी पुलियों और जल निकासी मार्गों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी उनके घरों की ओर आ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर जल निकासी के रास्ते अवैध रूप से बंद कर दिए गए हैं, जिसके चलते हर साल मकानों, घरेलू सामान और फसलों को नुकसान उठाना पड़ता है।
वर्षों से समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को इस समस्या से अवगत करवाया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीण सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
पंचायत समिति सदस्य बलवीर चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने म्यूनिसिपल पार्क में एकत्र होकर नारेबाजी की और समस्या के समाधान की मांग उठाई।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान वर्षा जल निकासी के लिए कई स्थानों पर पुलियां बनाई गई थीं, लेकिन समय पर सफाई नहीं होने और कुछ जगहों पर रास्ते बंद किए जाने से बारिश का पानी गांव की ओर बहने लगता है।
इससे कई घरों में पानी भर जाता है और लोगों को हर साल आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
चार साल से जलभराव झेल रहा परिवार
ग्रामीण महिला रानी देवी ने बताया कि उनका परिवार पिछले चार वर्षों से बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से परेशान है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
प्रशासन से संयुक्त निरीक्षण की मांग
पंचायत समिति सदस्य बलवीर चौधरी ने कहा कि सड़क किनारे बनी जल निकासी व्यवस्था को कुछ लोगों द्वारा बंद कर दिया गया है, जिसके कारण बारिश का पानी आबादी क्षेत्र में पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन को कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन न तो अवरोध हटाए गए और न ही पुलियों की सफाई करवाई गई।
उन्होंने प्रशासन से मौके का संयुक्त निरीक्षण करवाकर जल निकासी व्यवस्था को जल्द बहाल करने की मांग की।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
बलवीर चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
वहीं ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन आगामी बरसात को देखते हुए जल्द कार्रवाई करेगा, ताकि उन्हें हर साल होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।
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