नई दिल्ली
राजधानी के हौजरानी इलाके में स्थित 'फ्लोरिश स्टेज' होटल में बुधवार (3 जून) को लगी भीषण आग ने दिल्ली के प्रशासनिक दावों और सुरक्षा मानकों की पोल खोलकर रख दी है। इस दिल दहला देने वाले हादसे में अब तक 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।
दिल्ली पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस पूरे अवैध खेल का मुख्य कर्ताधर्ता और होटल का मैनेजर जय मिश्रा फिलहाल फरार है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
6 कमरों का था लाइसेंस, मुनाफे के लिए बना दिए 25 कमरे
जांच में जो शुरुआती और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, उनके मुताबिक इस अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के पीछे फरार मैनेजर जय मिश्रा का ही हाथ था। सूत्रों के अनुसार, होटल का पूरा मैनेजमेंट और लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर ही था।
होटल के पास नगर निगम (MCD) से सिर्फ छह कमरों को संचालित करने की अनुमति थी। लेकिन ज्यादा मुनाफे के लालच में नियमों को ताक पर रखकर, संकरी गलियों वाले इस रिहायशी इलाके में होटल के भीतर अवैध फेरबदल किए गए और करीब 25 कमरे बना दिए गए। आपातकालीन निकास (Emergency Exit) न होने के कारण यह अवैध निर्माण ही 21 जिंदगियों के लिए काल बन गया।
मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस; कुंडली खंगाल रही टीमें
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सह-मालिक लवकेश बजाज को कोर्ट में पेश किया जा रहा है और उससे पूछताछ जारी है, लेकिन मामले की मुख्य कड़ी मैनेजर जय मिश्रा है।
जय के नाम पर ही लाइसेंस होने और अवैध कमरों के निर्माण की बात पुख्ता हो चुकी है। पुलिस उसके कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और करीबी संपर्कों को खंगाल रही है। पुलिस का दावा है कि उसे जल्द ही दबोच लिया जाएगा।
हादसे के बाद जागा प्रशासन: मजिस्ट्रेट जांच के आदेश और MCD की छापेमारी
इस भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली का प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है मामले की गंभीरता को देखते हुए उपराज्यपाल (LG) ने इस पूरे अग्निकांड की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं।
दिल्ली सरकार ने भी जवाबदेही तय करने के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया है, जो तय समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। आज सुबह ही दिल्ली नगर निगम की एक उच्च स्तरीय टीम अमले-जमले के साथ हौजरानी इलाके में पहुंची। टीम पूरे क्षेत्र में चल रहे अन्य होटलों और इमारतों की अवैध कमर्शियल गतिविधियों और फायर सेफ्टी मानकों की कड़ाई से जांच कर रही है।
मैक्स अस्पताल पहुंचीं मुख्यमंत्री, दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री घायलों का हालचाल जानने के लिए साकेत स्थित मैक्स अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने डॉक्टरों को घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुफ्त मुहैया कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और साफ लहजे में कहा कि इस आपराधिक लापरवाही के लिए जो भी अधिकारी, मालिक या मैनेजर दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।