नई दिल्ली
देशभर को झुलसा रही भीषण गर्मी के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आधिकारिक घोषणा की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है।
मानसून के भारत में प्रवेश करते ही केरल के कई हिस्सों में पिछली रात से ही झमाझम और भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। इसके साथ ही अब उत्तर भारत सहित देश के अन्य राज्यों के लोग भी टकटकी लगाए बैठे हैं कि उन्हें इस चुभती गर्मी से कब निजात मिलेगी।
केरल के 3 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मानसून की धुआंधार एंट्री को देखते हुए मौसम विभाग ने केरल के तीन प्रमुख जिलों—अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। मौसम एजेंसी के अनुसार, इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ अत्यधिक भारी बारिश (11 से 20 सेंटीमीटर तक) होने की पूरी संभावना है।
इसके अलावा तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, इडुक्की और त्रिशूर जिलों में मध्यम बारिश का अनुमान जताया गया है। आईएमडी के मुताबिक, इस दौरान तटीय और मैदानी इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
अगले 3-4 दिनों में कैसा रहेगा मानसून का सफर?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून के आगे बढ़ने के लिए वर्तमान में सभी मौसमी परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून कर्नाटक के तटीय इलाकों को कवर करते हुए गोवा की अक्षांश रेखा तक आगे बढ़ जाएगा।
हालांकि, आईएमडी (IMD) के वैज्ञानिकों ने यह पूर्वानुमान भी जताया है कि 10 जून के बाद मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश को कब मिलेगी राहत?
केरल में मानसून के आगमन के साथ ही उत्तर भारत के मौसम में भी बड़े बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दो से चार दिनों के भीतर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य मैदानी हिस्सों में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप कम होगा और लोगों को प्री-मानसून गतिविधियों के कारण तपिश से बड़ी राहत मिलने के आसार हैं।