ऊना के गगरेट और चिंतपूर्णी को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित पुल को लेकर राजनीतिक घमासान, पूर्व विधायक राजेश ठाकुर ने किया शक्ति प्रदर्शन।
जिला ऊना के गगरेट और चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित चुरड़ू-लोहारली पुल को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। स्वां नदी पर बने इस महत्वपूर्ण पुल के निर्माण का श्रेय लेने को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
ताजा घटनाक्रम में गगरेट के पूर्व विधायक राजेश ठाकुर अपने समर्थकों के साथ पुल स्थल पर पहुंचे और शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि पुल का निर्माण केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार और हिमाचल प्रदेश की पूर्व जयराम ठाकुर सरकार के प्रयासों का परिणाम है।
मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए राजेश ठाकुर ने कहा कि इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सांसद अनुराग ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की दूरदर्शी सोच तथा वित्तीय स्वीकृति से साकार किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता आज पुल के निर्माण का श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं, उनका इस परियोजना में कोई योगदान नहीं रहा।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहा पुलिस बल
राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के मद्देनजर किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सोशल मीडिया से लेकर मैदान तक 'क्रेडिट वॉर'
पिछले कुछ दिनों से चुरड़ू-लोहारली पुल को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर श्रेय की जंग लगातार जारी है। पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा, राजेश ठाकुर और कांग्रेस के स्थानीय नेता लगातार बयान और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से पुल निर्माण का श्रेय अपनी-अपनी पार्टी को देने की कोशिश कर रहे हैं।
जनता की मांग—जल्द शुरू हो पुल का पूरा संचालन
गगरेट और चिंतपूर्णी क्षेत्र के लोगों के लिए स्वां नदी पर बना यह पुल आवागमन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक बयानबाजी से अधिक जरूरी पुल के संपर्क मार्गों का कार्य शीघ्र पूरा कर इसे पूरी तरह जनता के लिए शुरू करना है, ताकि क्षेत्र के लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
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