चम्बा में खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्ती जारी, बर्फी सब-स्टैंडर्ड और बादाम शेक असुरक्षित मिला; लोगों से रंगयुक्त खाद्य पदार्थों से बचने की अपील।
अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है। खाद्य सुरक्षा विंग चम्बा की टीम ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों, दुकानों और रेहड़ियों से 46 खाद्य पदार्थों के सैंपल एकत्रित किए हैं।
सभी नमूनों को जांच के लिए सीटीएल कंडाघाट प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इन खाद्य पदार्थों के लिए गए सैंपल
विभाग द्वारा लिए गए सैंपलों में चावल, बिरयानी, चिकन, मोमोज, जलेबी, बर्फी, पकौड़े, चटनी, बिस्कुट और रस्क सहित कई खाद्य एवं बेकरी उत्पाद शामिल हैं। मेले में आने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी है।
हालिया जांच में तीन सैंपल फेल
विभाग ने बताया कि नियमित जांच के दौरान हाल ही में तीन खाद्य पदार्थों के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे।
बर्फी का सैंपल सब-स्टैंडर्ड पाया गया, जिसमें निर्धारित मानकों के अनुसार फैट की मात्रा कम थी।
रेहड़ी से लिया गया बादाम शेक असुरक्षित पाया गया क्योंकि उसमें तय सीमा से अधिक कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया गया था।
एक अन्य सैंपल भी जांच में फेल मिला, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
इन मामलों के सामने आने के बाद अस्वच्छ और गुणवत्ताहीन खाद्य पदार्थ बेचने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
लोगों से रंगयुक्त खाद्य पदार्थों से बचने की अपील
खाद्य सुरक्षा विंग चम्बा के सहायक आयुक्त दीपक आनंद ने बताया कि मिंजर मेले के दौरान विभाग की निरीक्षण कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अत्यधिक रंगयुक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें और केवल स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री का ही उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर शिकायत है तो वह खाद्य सुरक्षा विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकता है या लिखित रूप में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
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