नेता प्रतिपक्ष ने डॉ. परमार को दी श्रद्धांजलि, कार्यक्रम में पूर्व सरकारों के योगदान का उल्लेख न होने पर जताई आपत्ति, मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और प्रदेश निर्माता डॉ. वाई.एस. परमार की जयंती पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. परमार ने संघर्ष और दूरदर्शी नेतृत्व के दम पर हिमाचल प्रदेश को विकास की राह पर आगे बढ़ाया और राज्य को एक नई पहचान दिलाई।
जयराम ठाकुर ने कहा कि डॉ. परमार ने केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि शिक्षा, ग्रामीण विकास और प्रदेश के समग्र विकास के लिए भी ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने मांग की कि डॉ. परमार को पूर्ण सम्मान दिया जाए और उनकी जयंती पर आयोजित होने वाले सरकारी कार्यक्रम का स्वरूप और अधिक व्यापक बनाया जाए।
'सभी सरकारों के योगदान का होना चाहिए उल्लेख'
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जयंती कार्यक्रम में मौजूदा सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख तो किया गया, लेकिन पूर्व की सरकारों के योगदान को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हिमाचल के विकास में विभिन्न सरकारों की भूमिका रही है और कार्यक्रम में सभी के योगदान की झलक दिखाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आयोजित 'स्वर्णिम हिमाचल' कार्यक्रम में सभी सरकारों के योगदान को सम्मानपूर्वक स्थान दिया गया था।
मुख्यमंत्री के बयान पर साधा निशाना
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें उन्होंने भाजपा के मौजूदा 28 विधायकों में से 16 के चुनाव हारने की बात कही थी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इन दिनों भविष्यवक्ता बने हुए हैं। जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयानों को न तो जनता गंभीरता से लेती है और न ही उनकी अपनी पार्टी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कांग्रेस की स्थिति और कमजोर होने वाली है।
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