शिमला
हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विफल नीतियों के कारण आज हिमाचल का भविष्य संकट में है और आम नागरिक महंगाई के बोझ तले दबा जा रहा है।
राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के पास विकास के लिए कोई रोडमैप नहीं है। उन्होंने कहा, सरकार को कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और दैनिक खर्चों के लिए बार-बार कर्ज लेना पड़ रहा है।
अब 500 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने की तैयारी है, जबकि सरकार पहले ही हजारों करोड़ का कर्ज ले चुकी है। भाजपा प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि अगर यही स्थिति रही, तो प्रदेश का राजकोषीय घाटा आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाएगा।
"मित्रों की ऐश और जनता पर टैक्स का बोझ"
भाजपा ने सरकार पर 'मित्रों की ऐश' का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग केवल सत्ता के करीबियों को लाभ पहुँचाने के लिए किया जा रहा है। जमवाल ने कहा डीजल पर वैट बढ़ाया गया और बिजली महंगी कर दी गई।
जनता को मिलने वाली मुफ्त सुविधाएं और राहतें बंद कर हर वर्ग पर टैक्स एवं उपकर (Cess) लाद दिया गया है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति आई है कि सरकार को कर्मचारियों का वेतन तक अस्थायी रूप से रोकना पड़ रहा है।
हाईकोर्ट की टिप्पणी और CPS मुद्दे पर घेरा
राकेश जमवाल ने मुख्य संसदीय सचिवों (CPS) की नियुक्तियों को लेकर हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा नियुक्तियां निरस्त किए जाने के बावजूद चहेते लोग सरकारी आवास और सुविधाओं का उपभोग कर रहे हैं।
उन्होंने इसे संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार कानून की परवाह किए बिना अपने 'मित्रों' को संरक्षण देने में लगी हुई है।