शिमला
राजधानी शिमला के संजौली स्थित गुरुद्वारे में नियमों की अनदेखी और गंभीर अनियमितताओं को लेकर सिख संगत ने मोर्चा खोल दिया है। संगत की शिकायत पर पुलिस ने गुरुद्वारा के मैनेजर और प्रधान के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। आरोप है कि गुरुद्वारे के सराय में बिना किसी पहचान पत्र या आधिकारिक रिकॉर्ड के बाहरी लड़कियों को प्रवेश दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
संजौली गुरुद्वारा सिख संगत के प्रतिनिधि सिमरन सिंह ने वीरवार को पत्रकारों से बातचीत में मामले का खुलासा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार रात गुरुद्वारे के मैनेजर ने नियमों को ताक पर रखकर दो लड़कियों को बिना किसी पहचान पत्र (ID) के कमरे में प्रवेश दिलाया। जब संगत ने इस पर आपत्ति जताई और रजिस्टर चेक किया, तो लड़कियों का कोई भी रिकॉर्ड दर्ज नहीं पाया गया।
मैनेजर को बचाने का आरोप और पुलिस की कार्रवाई
संगत का आरोप है कि जब इस घटना की शिकायत गुरुद्वारा प्रधान से की गई, तो उन्होंने मैनेजर पर कार्रवाई करने के बजाय उसका बचाव किया। सिमरन सिंह ने बताया कि प्रधान ने उल्टा संगत के खिलाफ ही पुलिस में शिकायत कर दी।
शुरुआत में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। संगत का आरोप है कि संजौली थाना पुलिस ने पहले उनका साथ नहीं दिया, जिसके बाद मामला एसएसपी शिमला और एएसपी अभिषेक के समक्ष उठाया गया। उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में एक हेड कॉन्स्टेबल का तबादला भी कर दिया गया है।
लंबे समय से चल रही है खींचतान
सिख संगत के अनुसार, संजौली गुरुद्वारा में दो गुटों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। स्थानीय संगत का कहना है कि प्रशासन (एसडीएम, डीसी और एसपी) को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं कि यहाँ धार्मिक नियमों और सराय के प्रोटोकॉल की अवहेलना की जा रही है। संगत ने मांग की है कि गुरुद्वारे की गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।