हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद चुनावों की सरगर्मी के बीच हमीरपुर में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। जिला परिषद के वार्ड नंबर-5 (जंगल रोपा) से पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष रहे नरेश कुमार दर्जी ने पार्टी से टिकट न मिलने पर शुक्रवार को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया।
पार्टी आलाकमान और विधायक पर साधा निशाना
नामांकन दाखिल करने के बाद नरेश कुमार दर्जी ने भाजपा नेतृत्व के प्रति अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं, लेकिन टिकट वितरण के समय उनकी सेवाओं की अनदेखी की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने संबंधित विधायक से मिलने के लिए कई बार समय मांगा, लेकिन उन्हें मिलने तक का मौका नहीं दिया गया। इसी उपेक्षा से आहत होकर उन्होंने स्वतंत्र चुनाव लड़ने का फैसला लिया है।
विकास ही मुख्य चुनावी मुद्दा
पूर्व उपाध्यक्ष ने दावा किया कि वह राजनीति में केवल सत्ता के लिए नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास के लिए आए हैं। उन्होंने कहा, जंगल रोपा वार्ड की जनता जानती है कि मेरे पिछले कार्यकाल में क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए थे।
जो कार्य अभी भी अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना मेरा संकल्प है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता उनके पुराने कार्यों और निष्ठा को देखते हुए उन्हें एक बार फिर सेवा का अवसर देगी।
निर्दलीय चुनाव, लेकिन 'भाजपा' की विचारधारा
दिलचस्प बात यह है कि निर्दलीय नामांकन भरने के बावजूद नरेश दर्जी ने स्पष्ट किया कि वह विचारधारा से अभी भी भाजपा के साथ हैं और भविष्य में भी रहेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि चुनाव में वह पीछे नहीं हटेंगे और विकास के मुद्दे पर जनता की अदालत में जाएंगे।
उनके चुनावी मैदान में उतरने से जंगल रोपा वार्ड में मुकाबला काफी रोचक और त्रिकोणीय होने की संभावना बढ़ गई है।