शिमला।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की सड़कें बुधवार को भाजपा महिला कार्यकर्ताओं के नारों से गूंज उठीं। प्रदेश भाजपा द्वारा आयोजित 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' में भारी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। रैली का नेतृत्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और सांसद सुरेश कश्यप ने किया।
रैली को संबोधित करते हुए डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश की नारी शक्ति अब जागृत हो चुकी है और अपने अधिकारों के लिए खड़ी है। उन्होंने कहा यह रैली केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और भागीदारी के लिए एक निर्णायक आवाज है।नारी शक्ति का यह जनसमूह सुक्खू सरकार की वादाखिलाफी और महिलाओं के प्रति अनदेखी का मुंहतोड़ जवाब है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि धर सूद ने प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस और इंडिया गठबंधन (I.N.D.I.A.) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का जिक्र करते हुए कहा जो लोग "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" का नारा देते हैं, उन्होंने ही संसद में महिलाओं को आरक्षण देने वाले बिल का विरोध कर अपनी असली मानसिकता दिखाई है।
कांग्रेस, सपा और टीएमसी ने मिलकर करोड़ों साधारण महिलाओं का विधानसभा और संसद तक पहुँचने का रास्ता रोकने का काम किया है।
भाजपा निरंतर महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है और आज उमड़ा जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के साथ हैं। रैली के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने "संघर्ष के साथ संस्कार" का नारा दिया और कांग्रेस सरकार पर महिलाओं से किए वादे पूरे न करने का आरोप लगाया।
भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन अभी थमेगा नहीं, बल्कि आने वाले समय में इसे और व्यापक रूप देकर प्रदेश के हर कोने तक पहुँचाया जाएगा। रैली के माध्यम से भाजपा ने शिमला में अपनी संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन किया और यह स्पष्ट कर दिया कि आगामी समय में महिला सुरक्षा और अधिकार उनके मुख्य चुनावी मुद्दे रहेंगे।