ऊना।
हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में अग्निशमन विभाग (Fire Department) ने आपदा प्रबंधन को लेकर एक विशेष मुहिम छेड़ी है। इसके तहत विभाग द्वारा स्कूलों और विभिन्न संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आपदा से निपटने और बचाव के गुर सिखाए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में बुधवार को आयोजित एक विशेष शिविर में भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और आपातकालीन स्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रशिक्षण शिविर के दौरान फायर विभाग के विशेषज्ञों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आग के विभिन्न प्रकारों और उनके कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। शिविर में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
आग बुझाने वाले यंत्रों (Fire Extinguishers) को चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। रसोई या कार्यस्थल पर आग लगने की स्थिति में बिना घबराए 'गोल्डन आवर्स' में कैसे प्रतिक्रिया देनी है, इसकी जानकारी साझा की गई। आग के अलावा अन्य प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं के समय खुद का और बच्चों का बचाव कैसे सुनिश्चित करें।
मीडिया से रूबरू होते हुए फायर विभाग के कर्मियों ने बताया कि विभाग द्वारा यह विशेष प्रशिक्षण अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रासरूट स्तर पर बच्चों के साथ काम करती हैं।
अगर उन्हें आपदा प्रबंधन की सही जानकारी होगी, तो वे न केवल अपना बचाव कर सकेंगी, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना के समय नन्हे बच्चों की जान बचाने में भी सक्षम होंगी। हमारा उद्देश्य समाज के हर वर्ग को आपदा के प्रति जागरूक और तैयार करना है।
विभाग का कहना है कि भविष्य में किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में जनहानि को कम करने के लिए इस तरह के कौशल विकास शिविर अत्यंत आवश्यक हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताया और विभाग के इस प्रयास की सराहना की।