एसडी पब्लिक स्कूल डुग्घा के अक्षित ठाकुर ने तैयार की भूस्खलन चेतावनी प्रणाली, सेंसर के जरिए बजेगा अलार्म, जलेगी लाल बत्ती और बैरिकेड लगाने का तंत्र होगा सक्रिय
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन से होने वाले हादसों को रोकने के लिए हमीरपुर के एक स्कूली छात्र ने तकनीक आधारित अनूठा मॉडल तैयार किया है। एसडी पब्लिक स्कूल डुग्घा में दसवीं कक्षा के छात्र अक्षित ठाकुर ने ‘Slope Sentinel AI’ नाम से एक सुरक्षा मॉडल विकसित किया है।
इसका उद्देश्य भूस्खलन के संभावित खतरे का संकेत मिलते ही वाहन चालकों और राहगीरों को सतर्क करना है, ताकि उन्हें खतरे वाले मार्ग से समय रहते दूर रखा जा सके।
इस मॉडल में खतरे का संकेत मिलने पर अलार्म बजने, लाल बत्ती जलने और सड़क के दोनों ओर बैरिकेड लगाने की व्यवस्था को सक्रिय करने का प्रावधान किया गया है। अक्षित ने इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में 6 से 7 हजार रुपये खर्च किए और इसे बनाने में 15 से 20 दिन का समय लगा।
तीन सेंसर की मदद से मिलेगी खतरे की चेतावनी
बरसात के मौसम में हिमाचल प्रदेश के कई पहाड़ी क्षेत्रों में जमीन खिसकने और पहाड़ों से मलबा गिरने की घटनाएं सामने आती हैं। कई बार वाहन चालकों को खतरे का अंदाजा होने तक देर हो जाती है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए अक्षित ठाकुर ने ‘Slope Sentinel AI’ मॉडल तैयार किया। इसके लिए उन्होंने यूट्यूब से विचार और तकनीकी जानकारी जुटाई तथा उसे अपने प्रोजेक्ट में शामिल किया।
अक्षित के मॉडल में तीन सेंसर लगाए गए हैं। पहला सॉयल सेंसर जमीन खिसकने के संकेत मिलने पर सक्रिय होकर लाल बत्ती जलाता है। दूसरा रेन सेंसर बारिश और उसकी तीव्रता के आधार पर संभावित खतरे का संकेत देने में मदद करता है।
वहीं, तीसरा टिल्ट सेंसर जमीन के झुकाव और हलचल का पता लगाने के लिए लगाया गया है। इन तीनों सेंसर से मिलने वाले संकेतों के आधार पर चेतावनी प्रणाली को सक्रिय करने की व्यवस्था की गई है।
आर्डुइनो के जरिए संचालित होगा सुरक्षा तंत्र
इस मॉडल में आर्डुइनो को मुख्य नियंत्रक के रूप में इस्तेमाल किया गया है। यह सेंसर से मिलने वाले संकेतों को पढ़ता है और निर्धारित मानकों के अनुसार चेतावनी प्रणाली को सक्रिय करता है। खतरे का संकेत मिलने पर अलार्म बजने के साथ सड़क के दोनों ओर बैरिकेड लगाने का तंत्र सक्रिय होगा। इससे संभावित भूस्खलन वाले हिस्से में वाहनों की आवाजाही रोकने में मदद मिल सकती है।
आर्डुइनो एक ओपन-सोर्स इलेक्ट्रॉनिक्स प्लेटफॉर्म है, जिसका इस्तेमाल सेंसर, रोबोटिक्स और स्वचालित उपकरणों से जुड़े प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए किया जाता है।
स्कूली छात्र के तकनीकी नवाचार से जगी उम्मीद
अक्षित ठाकुर का यह प्रयास दिखाता है कि स्कूली विद्यार्थी भी अपने आसपास की गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए तकनीक का सहारा लेकर नए प्रयोग कर सकते हैं। भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी सड़कों पर समय रहते चेतावनी मिलने से दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, वास्तविक सड़कों पर इस मॉडल का इस्तेमाल करने से पहले सेंसर की सटीकता, अलग-अलग मौसम की परिस्थितियों में इसकी कार्यक्षमता और बैरिकेड प्रणाली की विश्वसनीयता का परीक्षण करना जरूरी होगा। परीक्षण सफल रहने पर इस तरह की तकनीक भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकती है।
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