धर्मशाला।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी ने अब कानूनी रूप ले लिया है। हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एडवोकेट विश्व चक्षु ने बुधवार को धर्मशाला पुलिस थाने में खड़गे के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज करवाई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 को चेन्नई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए "आतंकवादी" शब्द का प्रयोग किया था। भाजपा का आरोप है कि खड़गे ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की पार्टी बराबरी के सिद्धांत में विश्वास नहीं रखती।
एडवोकेट विश्व चक्षु ने अपनी शिकायत में इस बयान को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ बताया है। उनके मुख्य तर्क हैं कि यह बयान 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं को गहरी चोट पहुँचाने वाला है।
इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से समाज में नफरत, वैमनस्य और अराजकता फैल सकती है, जिससे कानून-व्यवस्था (Law and Order) बिगड़ने का खतरा है। प्रधानमंत्री पद की अपनी एक गरिमा होती है और ऐसे शब्द उस पद का अपमान हैं।
भाजपा नेता ने थाना प्रभारी धर्मशाला से मांग की है कि मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस अपनी चुनावी हताशा में अब अमर्यादित और अभद्र भाषा पर उतर आई है। देश के प्रधानमंत्री को 'आतंकवादी' कहना उनकी नीची मानसिकता को दर्शाता है, जिसे देश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। शिकायत के साथ संबंधित समाचार पत्रों की कतरनें और वीडियो साक्ष्य भी सौंपे गए हैं। पुलिस अब इस मामले के कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है।