बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के भराड़ी थाना में गलत आय विवरण प्रस्तुत कर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र प्राप्त करने और उसी के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने का एक सनसनीखेज मामला दर्ज किया गया है. सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजीलैंस) बिलासपुर की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने यह कड़ी कार्रवाई शुरू की है.
जानकारी के अनुसार, भराड़ी क्षेत्र के एक ग्रामीण ने अपनी वास्तविक आय को छिपाकर ऑनलाइन माध्यम से EWS प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था. आवेदन के साथ अटैच किया गया आय प्रमाण पत्र तथ्यों के विपरीत था.
वास्तविक आय को काफी कम दर्शाया गया था ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के तहत आरक्षण का लाभ लिया जा सके. इस जाली प्रमाण पत्र का उपयोग करके संबंधित व्यक्ति ने शिक्षा विभाग में टीजीटी (TGT) पद पर सरकारी नौकरी हासिल कर ली.
मामले की शिकायत मिलने पर सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बिलासपुर ने दस्तावेजों की गहनता से जांच की और अपनी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक (SP) बिलासपुर को सौंप दी. एसपी कार्यालय से निर्देश मिलने के बाद भराड़ी थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
पुलिस उपाधीक्षक (DSP) घुमारवीं विशाल वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि विजीलैंस की जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी संबंधित दस्तावेजों को कब्जे में लेकर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है.
आरोपी का पक्ष: 'पिता की आय जुड़ने से बढ़ी इनकम, 15 दिन में ही दे दिया था इस्तीफा'
जिस व्यक्ति पर मामला दर्ज हुआ है, उसने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि:
सर्टिफिकेट बनते समय अलग थे: जब EWS प्रमाण पत्र बनवाया था, तब वह अपने पिता से अलग रहते थे. उनका परिवार रजिस्टर और राशनकार्ड भी अलग था.
जांच के बाद छोड़ा पद: दो वर्ष पहले जब उन्हें टीजीटी की नौकरी मिली, तो सरकार ने प्रदेश स्तर पर EWS प्रमाण पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) करवाई. जांच के दौरान तकनीकी रूप से उनके पिता की आय को भी उनके साथ जोड़ दिया गया.
स्वयं दिया इस्तीफा: पिता की आय जुड़ने से जब कुल आय EWS के दायरे से बाहर हो गई, तो उन्होंने खुद ही नौकरी ज्वाइन करने के महज 15 दिन बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
कौन उठा सकता है EWS आरक्षण का लाभ?
इस मामले के सामने आने के बाद नियमों को जानना बेहद जरूरी है। केंद्र और राज्य सरकार के नियमों के अनुसार निम्नलिखित मापदंड तय किए गए हैं:
1. इन लोगों का EWS प्रमाण पत्र नहीं बन सकता (नियम):
जो व्यक्ति पहले से ही एससी (SC), एसटी (ST) या ओबीसी (OBC) आरक्षण का लाभ ले रहे हैं।
जिनके परिवार की कुल वार्षिक सकल आय 8 लाख रुपये से अधिक हो।
जिनके पास 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि हो।
जिनके पास 1000 वर्ग फुट या उससे अधिक का आवासीय फ्लैट हो।
अधिसूचित नगर पालिका क्षेत्र में 100 वर्ग गज या उससे अधिक का आवासीय प्लॉट हो।
गैर-अधिसूचित नगरपालिका क्षेत्र में 200 वर्ग गज या उससे अधिक का आवासीय प्लॉट हो।
2. परिवार में किसकी आय जोड़ी जाती है?
EWS प्रमाण पत्र के लिए 'परिवार' की परिभाषा के अंतर्गत निम्नलिखित सदस्यों की वार्षिक आय और संपत्ति को एक साथ मिलाकर गणना की जाती है: