शिमला।
हिमाचल प्रदेश से नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने गुरुवार को संसद भवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने उन्हें विधिवत शपथ दिलाई। इस अवसर पर अनुराग शर्मा ने देवभूमि हिमाचल की सेवा और उसके गौरव को संसद के उच्च सदन में बुलंद करने का संकल्प लिया।
शपथ ग्रहण के उपरांत मीडिया से बात करते हुए अनुराग शर्मा ने कहा कि वर्तमान में संसद के दोनों सदनों में हिमाचल प्रदेश के एकमात्र प्रतिनिधि (सत्तारूढ़ दल की ओर से) होने के नाते उन पर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस दायित्व को पूरी गंभीरता के साथ निभाएंगे।
हिमाचल की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग और विशेष अनुदान प्राप्त करने का प्रयास। राज्य की लंबित रेल परियोजनाओं, फोरलेन सड़क निर्माण और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को गति दिलाना। प्रदेश की जनता से जुड़ी समस्याओं को सदन के पटल पर प्रभावी ढंग से उठाना।
अनुराग शर्मा ने अपनी इस उपलब्धि और नामांकन के लिए कांग्रेस के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि उनके नामांकन से प्रदेश भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है, जो भविष्य में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
सांसद ने स्पष्ट किया कि वे हिमाचल प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि दिल्ली के गलियारों में हिमाचल का पक्ष कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा और प्रदेश के अधिकारों की लड़ाई वे पूरी मजबूती के साथ लड़ेंगे।